डीडवाना-कुचामन के कटारियाबास में महिला अधिकारिता विभाग की पहल पर आयोजित बालिका जागरूकता कार्यक्रम में बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, साइबर अपराध से बचाव और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में शिक्षा से वंचित बालिकाओं को दोबारा स्कूल से जोड़ने, मासिक धर्म स्वच्छता और बाल विवाह रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया गया। अधिकारों और सुरक्षा की दी जानकारी महिला अधिकारिता विभाग डीडवाना-कुचामन के सहायक निदेशक जयप्रकाश के निर्देश पर पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र (पीएसएसके) की टीम ने कटारियाबास में बालिका जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना था। मानसिक स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा पर जोर कार्यक्रम के दौरान पीएसएसके की मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता ने बालिकाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, साइबर अपराध से बचाव के उपाय और विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन और संबंधित विभाग से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई। सरकारी योजनाओं से कराया अवगत बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, प्रशिक्षण योजना और वर्क फ्रॉम होम जॉब योजना की जानकारी साझा की गई। इन योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों के बारे में भी बताया गया। शिक्षा, स्वच्छता और बाल विवाह पर चर्चा कार्यक्रम में शिक्षा से वंचित (ड्रॉपआउट) बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह की रोकथाम और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। 'गुड टच-बैड टच' की दी सीख केंद्र प्रबंधक ने बालिकाओं को 'गुड टच-बैड टच' की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में नगर परिषद पार्षद कैलाश कटारिया भी मौजूद रहे। अंत में बालिकाओं ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए ऐसे जागरूकता अभियानों की सराहना की।