पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) और इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी के निदेशक प्रदीप मोहन शर्मा ने शुक्रवार को डीडवाना का दौरा किया। उन्होंने यहां की पुलिस व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया और रिजर्व पुलिस लाइन व एसपी कार्यालय में पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीआईजी शर्मा ने पुलिसकर्मियों की परेड की सलामी ली और जवानों द्वारा बैंड वादन का प्रदर्शन देखा। पुलिस टीम ने विभिन्न आपराधिक घटनाओं के सीन रीक्रिएट कर अपनी कार्यकुशलता और अनुसंधान क्षमता का प्रदर्शन भी किया। उन्होंने बैरकों, पुलिस कंट्रोल रूम और साइबर शाखा सहित अन्य महत्वपूर्ण शाखाओं का भी जायजा लिया। अपराधमुक्त वातावरण बनाने का आह्वान इसके बाद डीआईजी ने पुलिस लाइन में जिलेभर के पुलिसकर्मियों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना आवश्यक है। शर्मा ने शांति समिति, सीएलजी और महिला सखी जैसे नवाचारों के माध्यम से समाज को पुलिस से जोड़ने और अपराधमुक्त वातावरण बनाने का आह्वान किया। कानून व्यवस्था की समीक्षा की एसपी कार्यालय में आयोजित क्राइम बैठक में डीआईजी ने कानून व्यवस्था, दर्ज प्रकरणों और परिवादों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून की पालना हर हाल में सुनिश्चित की जाए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठित अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। गिरोहों पर शिकंजा कसने के निर्देश गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर डीआईजी ने गंभीर रुख अपनाया। उन्होंने गिरोहों पर शिकंजा कसने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शर्मा ने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, एटीएस और एसओजी के साथ समन्वय स्थापित कर अपराधियों के नेटवर्क को समाप्त करने पर बल दिया। साइबर क्राइम पर भी की चर्चा साइबर अपराधों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरे देश के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। डीआईजी ने पुलिस को लगातार अपडेट रहने और प्रशिक्षण प्राप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, आमजन को भी जागरूक होने की जरूरत बताई, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। अंत में डीआईजी ने पुलिसकर्मियों को शिष्ट व्यवहार अपनाने और फरियादियों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करना है।