डीडवाना में सैनिकों और उनके परिवारों को कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NLSA) और राजस्थान स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (RSLSA) के निर्देश पर जिले के सैनिक कल्याण कार्यालय में 'वीर परिवार सहायता योजना 2025' के तहत एक स्थायी विधिक सेवा क्लिनिक का शुभारंभ किया गया है। इस क्लिनिक का उद्घाटन डीएलएसए अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश नाहरसिंह मीणा और सचिव सीजेएम महावीरसिंह चारण ने किया। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजेंद्र सिंह के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें क्लिनिक के संचालन और विधिक सहायता की रूपरेखा पर चर्चा की गई। चीफ डिफेंस काउंसिल विकास ठोलिया ने बताया कि 5 जनवरी को डीएलएसए कार्यालय के उद्घाटन के बाद यह विशेष पहल सैनिकों और उनके परिवारों को त्वरित एवं प्रभावी कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए की गई है। इस योजना में भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों- थल सेना, नौसेना और वायु सेना में कार्यरत और सेवानिवृत्त जवानों और उनके परिवारों को शामिल किया गया है। क्लिनिक में किसी भी प्रकार के कानूनी मामलों में निःशुल्क परामर्श और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सैन्य परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए एक अधिवक्ता नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे। सैनिक कल्याण बोर्ड परिसर में ही यह सुविधा मिलने से अब परिवारों को कानूनी मदद के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस अवसर पर हरफुल राव, फिरोज खान, विपुल कुमार, महेश्वर पुरोहित सहित विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश की रक्षा करने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों को समय पर न्याय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।