मिठौड़ा से पुरोहितों की ढाणी को जोड़ने वाली करीब पांच किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाल है। मार्ग पर कई स्थानों से डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और सड़क पर गिट्टी व मिट्टी नजर आ रही है। बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण सुजाराम मेघवाल ने बताया कि वर्षों पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क का समुचित रखरखाव नहीं किया गया। सार्वजनिक निर्माण विभाग व जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। इस मार्ग से प्रतिदिन किसान, विद्यार्थी और ग्रामीण आवागमन करते हैं। खराब सड़क के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है, जबकि चारपहिया वाहनों को भी धीमी गति से चलना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण टैक्सी चालक अतिरिक्त किराया वसूलते हैं। बारिश के दिनों में मरीजों व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और डामरीकरण कराने की मांग की।