डीग में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और 17 मई से शुरू होने वाली ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा को सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला कलेक्टर मयंक मनीष और जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने गुरुवार को पंचायत समिति सभागार में सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक लेकर यातायात प्रबंधन, ओवरलोड वाहनों, स्कूल वाहनों की सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने और आवारा पशुओं पर नियंत्रण को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क सुरक्षा और परिक्रमा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए iRAD पोर्टल की होगी नियमित मॉनिटरिंग बैठक में जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (iRAD) पोर्टल की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके लिए पुलिस, परिवहन और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने गांवों और गलियों से निकलने वाले ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड को और अधिक सक्रिय करने तथा उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। जिला कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी बाल वाहिनी वाहनों और उनके ड्राइवरों की सूची परिवहन विभाग को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही परिवहन, पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग के अधिकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करेंगे। प्रशासन का उद्देश्य बच्चों और वाहन ड्राइवरों दोनों को यातायात नियमों के प्रति सजग बनाना है। वाहन ड्राइवरों की आंखों की होगी जांच चिकित्सा विभाग को प्रत्येक माह आई चेकअप कैंप आयोजित करने का शेड्यूल जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में बाल वाहिनी ड्राइवरों सहित अन्य वाहन ड्राइवरों की आंखों की बड़े स्तर पर जांच की जाएगी, ताकि दृष्टि संबंधी समस्याओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के लिए विशेष तैयारियां 17 मई से शुरू होने वाली ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर ने परिक्रमा मार्ग की साफ-सफाई सुनिश्चित करने और अस्थाई अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कुंडों में डूबने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाने और आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तर पर गोताखोरों की व्यवस्था करने को भी कहा गया। प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।
अवैध शराब और ट्रैफिक व्यवस्था पर पुलिस रहेगी सख्त जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने सभी थानाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित वृत्ताधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर यातायात व्यवस्था को बेहतर करें और अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से ट्रैफिक ग्रुप के साथ मिलकर कार्य करें, ताकि सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों को मजबूत बनाया जा सके। आवारा पशुओं और अतिक्रमण पर चलेगा अभियान बैठक में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए जल्द निविदा प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके अलावा सड़कों पर अव्यवस्थित रूप से खड़े ठेलों और थड़ियों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के ठेले और थड़ियां जब्त करने की चेतावनी भी दी गई। जिला कलेक्टर ने साफ कहा कि एक बार अतिक्रमण हटने के बाद संबंधित टीम यह सुनिश्चित करे कि वहां दोबारा कब्जा न हो। कार्रवाई की फोटो रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए गए।