भास्कर संवाददाता | पाली जोधपुर डिस्कॉम के निजीकरण प्रस्ताव के खिलाफ कर्मचारी आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर पाली में धरना, प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार किए गए। समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण वापस नहीं लिया तो 15 अप्रैल को अधीक्षण अभियंता कार्यालयों और 30 अप्रैल को प्रबंध निदेशक कार्यालय का घेराव करेंगे। पाली, सिरोही, गंगानगर, चूरू और जोधपुर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के उपखंड और सर्किल कार्यालयों में तकनीकी कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक ने मुख्यमंत्री और प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपकर निजीकरण नीति का विरोध जताया। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की। वे बोले जोधपुर डिस्कॉम को निजी हाथों की कठपुतली नहीं बनने देंगे। ज्ञापन में 6000 करोड़ के संरक्षित नेटवर्क को निजी कंपनियों को सौंपने को जनता और कर्मचारियों के साथ विश्वासघात बताया। विफल मॉडल्स का हवाला देते हुए कहा कि निजी कंपनियां केवल मुनाफेदार क्षेत्रों में लाभ उठाती हैं और संकट के समय जिम्मेदारी से भाग जाती हैं।