भास्कर न्यूज| सवाईमाधोपुर लोहे के किवाड़ बेचने से मना करने पर भतीजे के साथ गंभीर मारपीट हुई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में अपर जिला न्यायाधीश डॉ. प्रियंका पारीक ने हत्या के आरोपी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 26 हजार 500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने चेतराम उर्फ चेत्या 38 और सेतबंध उर्फ सेतू 32 को दोषी माना। दोनों स्व. देवीलाल जाट के बेटे हैं। दोनों कारोली घाटा, थाना बहरावण्डा कलां के रहने वाले हैं। कोर्ट ने धारा 302(34) में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 323(34) में एक साल का कठोर कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड, धारा 341 में एक माह का साधारण कारावास और 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अपर लोक अभियोजक हरकेश मीना के अनुसार, परिवादिया कमलेशी ने 2 जून 2024 को बहरावण्डा कलां थाने में रिपोर्ट दी। उसने बताया कि उसका मकान ग्राम कारौली घाटा स्थित खेत में बना है। इसी मकान में उसके तीन देवर चेतराम, सेतबंध, रामधन भी रहते हैं। देवर चेतराम और सेतबंध सास रामकन्या के पास रहते हैं। दिन में तरबूज बेचने फेरीवाला आया। देवर चेतराम और सेतबंध लोहे के किवाड़ बेचने लगे। परिवादिया के पति हरिमोहन और देवर रामभजन ने किवाड़ बेचने से मना कर दिया। इसी दौरान परिवादिया का बेटा तरुण उर्फ गोविन्द घर आ रहा था। उसे रोक लिया गया। डंडों से सिर पर गंभीर वार किए गए। पति और देवर ने बीच-बचाव किया। मारपीट के बाद दोनों देवर भाग गए। फेरीवाला भी भाग गया। घायल गोविन्द को लेकर परिजन खण्डार अस्पताल ले गए जहां से उसे जयपुर एसएमएस रेफर कर िदया गया। वहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में आरोप पत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट खण्डार के सामने पेश किया। वहां से प्रकरण सेशन न्यायालय भेजा गया। इसके बाद एडीजे कोर्ट ने दोनों सगे भाइयों को हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।