सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने कहा- जनता की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधि जो प्रस्ताव देते हैं, उन पर विभागीय कार्रवाई की गति धीमी नहीं होनी चाहिए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का असली लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे और शिकायतों को फाइलों में दबाने के बजाय उन्हें गंभीरता से हल करें। ​गुरुवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) बैठक में सांसद ओला ने जिले के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जनप्रतिनिधियों के प्रति अधिक जवाबदेह बनने की हिदायत दी। पानी और बिजली के संकट पर घेरा ​बैठक में माहौल जब गर्म हो तब विधायकों और प्रधानों ने जनहित के बुनियादी मुद्दों पर अधिकारियों को घेरना शुरू किया। आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए गहराते जल संकट पर चिंता जताई गई। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति संतोषजनक नहीं है। बिजली कटौती और बुनियादी ढांचे में सुधार की धीमी गति पर भी अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। जनप्रतिनिधियों ने किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलने में हो रही देरी और आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्रों के पंजीकरण में आ रही बाधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर जताई चिंता ​सांसद ओला ने केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अधूरे कार्यों को लेकर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए। ​नरेगा व आजीविका: मनरेगा के तहत श्रमिकों को समय पर रोजगार और ग्रामीण आजीविका मिशन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। ​आवास व ग्रामीण सड़कें: प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को जल्द किश्तें जारी करने और पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत रुके हुए निर्माण कार्यों को गति देने को कहा गया। ​शिक्षा व स्वच्छता: समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों में संसाधनों की कमी दूर करने और स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत सुधारने पर जोर दिया गया। ​विभागीय योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी शेयर करें ​सांसद ने अधिकारियों को पाबंद किया कि वे विभागीय योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से साझा करें। उन्होंने कहा कि बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट (ATR) समय पर भिजवाई जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों पर धरातल पर काम हुआ है या नहीं। ​बैठक में यह रहे मौजूद ​बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में ​भगवानाराम सैनी विधायक उदयपुरवाटी, ​पितराम काला विधायक, पिलानी, ​डॉ. अरुण गर्ग जिला कलेक्टर, ​कावेंद्र सिंह सागर पुलिस अधीक्षक, ​कैलाश यादव मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद आदि मौजूद रहे।