सरकार की ओर से हाल ही में जारी की गई तहसीलदारो की तबादला सूची में बड़ी चूक सामने आई है। एक ही तहसील में दो तहसीलदार लगा दिए है। यह तहसील है दूनी, इसमें सरकार ने एक साथ दो तहसीलदार लगा दिए है। यहां तहसीदार अजय कुमार पाण्डेय और तहसीदार विपुल चौधरी को लगाया है। जो भी लोग तहसीलदार की ट्रांसफर लिस्ट देखते है तो अचरज में पड़ जाते है। लोग चर्चा करते देखे गए है कि यहां एक अनार, दो बीमार वाली कहावत चरितार्थ हो गई है। इसको लेकर स्वयं यहां लगाए गए दोनों तहसीलदार ही नहीं , बल्कि क्षेत्र के लोगों में भी कंफ्यूजन की स्थिति पैदा हो गई है। लोग कई तरह के कयास लगा रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि प्रशानिक अधिकारी पद से प्रमोट हुए अजय कुमार पांडेय को दूनी तहसीलदार पद पर रहने की ज्यादा संभावना है,क्योंकि यहां लगाए गए दूसरे तहसीलदार विपुल चौधरी जयपुर या उसके आसपास रहने के इच्छुक बताए गए है। ऐसे में आगे ये लिखकर दे सकते है कि संशोधित लिस्ट में दूनी में अजय कुमार पाण्डेय को ही लगा दिया जाए। ज्ञात रहे कि सरकार ने हाल ही में बड़ी संख्या। में तहसीलदरों के ट्रांसफर किए है। इसमें दूनी के तहसीलदार विनोद कुमार शर्मा का भी ट्रांसफर हो गया,लेकिन खास बात यह इनके स्थान पर दूनी तहसीलदार पद पर दो तहसीलदार अजय कुमार पाण्डेय और विपुल चौधरी को तहसीलदार के पद पर लगा दिया है। अजय कुमार पांडेय अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पद से पदोन्नति होकर विनोद कुमार शर्मा के स्थान पर दूनी तहसीलदार पद पर लगाए गए, वहीं विपुल चौधरी को भी चाकसू तहसीलदार से दूनी तहसीलदार पद पर लगाया है। इसके बाद पूरे दूनी में यह पूरे चर्चा का विषय बनाया हुआ है। कई लोगों ने तो यहां लगाए गए दोनों तहसीलदारों से मोबाइल पर बात कर बधाई भी दे दी। दोनों तहसीलदारों ने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन लोग से हुई बातचीत में सामने आया कि अजय कुमार पांडेय के दूनी तहसीलदार रहने के ज्यादा आसार बने हुए है क्योंकि विपुल चौधरी जयपुर या उसके आसपास ही रहना पसंद करते है। अब देखना यह है कि सरकार कुछ दिन बाद जारी करने वाली संशोधित लिस्ट में दूनी तहसीलदार किसे लगाती है। लेकिन लोगों में इन दोनों तहसीलदार के पदस्थापन को लेकर कई तरह की चर्चा जोरों पर है। बोर्ड के संज्ञान में लाएंगे: अतिरिक्त कलेक्टर विनोद कुमार मीना ने इस मामले को लेकर बताया कि दूनी में एक ही पद पर दो। तहसीलदार की जानकारी मुझे नहीं है।इस तरह का मामला है तो बोर्ड को अवगत कराया जाएगा,, ताकि संशोधन हो सके।