राजकीय अमृतकौर अस्पताल में सालों पुरानी एक्स-रे मशीनों के भरोसे चल रही जांच व्यवस्था से मरीजों को जल्द राहत मिलने वाली है। अस्पताल को 30 लाख रुपए की लागत से नई डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) एक्स-रे मशीन मिली है। अस्पताल प्रशासन जल्द इसका इंस्टॉलेशन कराएगा। प्रशासन का दावा है कि एक सप्ताह में मशीन से जांचें शुरू हो जाएंगी। मशीन एमसीएच विंग में स्थापित की जाएगी। इससे मरीजों को कम समय में उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल एक्स-रे जांच की सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल में संचालित पोर्टेबल मशीनों का उपयोग केवल इमरजेंसी मामलों के लिए ही किया जाएगा। अस्पताल के मुख्य भवन, ट्रॉमा वार्ड और एमसीएच (महिला एवं शिशु) विंग में लगी एक्स-रे मशीनें अपनी निर्धारित कार्य अवधि काफी पहले पूरी कर चुकी हैं। तकनीकी मानकों के अनुसार एक्स-रे मशीन की औसत उपयोग अवधि 15 वर्ष होती है, जबकि ट्रॉमा वार्ड की मशीन करीब 17 वर्ष, मुख्य भवन की 26 वर्ष और एमसीएच विंग की मशीन करीब 45 वर्ष पुरानी है। पुरानी होने के कारण इन मशीनों के स्पेयर पार्ट्स भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। अभी पोर्टेबल मशीनों के सहारे है व्यवस्था : मुख्य मशीनों की खराब स्थिति के कारण अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए 7 पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। इनमें 4 मशीनें मुख्य भवन के एक्स-रे कक्ष, एक ट्रॉमा वार्ड तथा दो एमसीएच विंग के एसएनसीयू में संचालित हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने पर इन्हीं मशीनों से व्यवस्था संभाली जा रही थी। नई डीआर मशीन शुरू होने के बाद इस दबाव में कमी आने की उम्मीद है। {इमेज सीधे कंप्यूटर स्क्रीन पर तुरंत उपलब्ध होगी। {फिल्म प्रोसेसिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। {पारंपरिक मशीनों की तुलना में कम रेडिएशन। {हाई-रिजॉल्यूशन और अधिक स्पष्ट डिजिटल इमेज। {रिपोर्ट जल्दी तैयार और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। {इमेज को बड़ा और स्पष्ट देखा जा सकेगा।