फूड सेफ्टी एंड ड्रग डिपार्टमेंट की टीम द्वारा पिछले दिनों लिए गए एक एंटीबायोटिक दवा का सैंपल जांच में फेल निकला है। सरकार की लैब से जारी रिपोर्ट में इस दवा को गंभीर रूप से अवमानक (सब स्टैंडर्ड) घोषित किया गया है। यह दवा बाजार में Killmed 625 (किलमेड-625) के नाम से बिकती है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डिपार्टमेंट में डीसीओ अजय फाटक ने बताया कि किलमेड-625 नाम की दवा में कंपनी ने अमोक्सिसिलिन पोटेशियम क्लैवुलैनेट लैक्टिक एसिड बैसिलस का कॉम्बिनेशन होने का दावा किया है, जबकि जांच में उसमें क्लेवुलैनिक एसिड पाया ही नहीं गया। फाटक ने बताया कि यह दवा हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित मैसर्स वीएडीएसपी फार्मास्यूटिकल्स द्वारा निर्मित है। जयपुर स्थित मैसर्स आई क्यूमेड हेल्थकेयर से करीब 12 लाख 78 हजार रुपए की दवा जब्त की गई है। इससे पहले भी इसी फर्म से लगभग 4 लाख रुपए की दवा जब्त की जा चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की खामी संक्रमण से लड़ने की दवा की प्रभावशीलता को कम कर सकती है, जिससे मरीजों की स्थिति गंभीर हो सकती है।