जैसलमेर जिले के भणीयाणा क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दूधली नाड़ी में शिक्षकों की कमी को लेकर शुक्रवार को स्टूडेंट्स और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 12वीं तक के इस स्कूल में स्वीकृत 19 पदों में से केवल 3 शिक्षक कार्यरत हैं। बार-बार मांग करने के बाद भी नियुक्तियां नहीं होने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। 19 में से 16 शिक्षक पद खाली प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और स्टूडेंट्स ने बताया कि 12वीं तक के इस स्कूल में शिक्षकों के 19 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 3 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इनमें से भी एक शिक्षक प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल पर लगाया ताला, धरने पर बैठे शुक्रवार को नाराज ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। इसके बाद सभी लोग स्कूल परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन से शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पर्याप्त शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं तो इतने बड़े स्कूल का संचालन करने का कोई औचित्य नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा के दावे करती है, जबकि दूसरी ओर सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में बुनियादी शैक्षणिक व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं है। धरने पर बैठे स्टूडेंट्स ने बताया कि नियमित कक्षाएं नहीं लगने से उनका पाठ्यक्रम पिछड़ गया है। उन्होंने कहा कि इससे उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। स्टूडेंट्स का कहना है कि जब तक स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, तब तक स्कूल का ताला नहीं खोला जाएगा। प्रशासन कर रहा समझाइश दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीणों से बातचीत की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा विभाग ने जल्द रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं कीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल स्कूल में पठन-पाठन पूरी तरह ठप है और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।