डूंगरपुर जिले की झरियाना ग्राम पंचायत के अम्बेपुरा गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गांव की चारागाह भूमि के कथित अवैध आवंटन का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गिरदावर और पटवारी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर खसरा संख्या 3269 की लगभग 123 बीघा चारागाह भूमि का अवैध रूप से आवंटन किया है। उनका कहना है कि यह भूमि वर्षों से गांव के पशुओं के चरने के लिए उपयोग की जा रही थी और पहले इस पर किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं था। आवंटन के बाद जेसीबी मशीनों से हरे-भरे पेड़ काटे ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोगों ने राजस्व कर्मचारियों से मिलीभगत कर 1 जुलाई 2026 को पटवारी एवं भू-अभिलेख निरीक्षक की बैठक बुलाकर आवंटन की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने बताया कि इस भूमि पर न तो खेती हो रही थी और न ही बिजली या सिंचाई की कोई सुविधा थी। आवंटन के बाद जेसीबी मशीनों से बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ काट दिए गए, जिससे हरियाली को नुकसान पहुंचा। विरोध करने पर डराया-धमकाया ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि पशुओं के लिए चारागाह है और इसके उपयोग में बाधा आने से पशुपालकों को परेशानी होगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित अवैध आवंटन को तत्काल निरस्त करने और चारागाह भूमि को उसकी पूर्व स्थिति में सुरक्षित रखने की मांग की है।