पंचायतराज चुनाव को लेकर डूंगरपुर में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक एवं जिला प्रभारी रफीक खान और कांग्रेस विधायक व जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा ने भाजपा और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) पर निशाना साधा। घोघरा ने बीएपी नेताओं पर भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने और आदिवासी युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने बीएपी के टिकट वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने आदिवासी समाज से राय लिए बिना मनमर्जी से टिकट बांटे। वहीं, रफीक खान ने भाजपा सरकार पर मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य योजनाओं और मनरेगा को लेकर हमला बोला। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पंचायतराज चुनाव में पार्टी के पक्ष में समर्थन मिलने का दावा भी किया। घोघरा बोले- बीएपी के नेता भाजपा के एजेंट विधायक गणेश घोघरा ने आरोप लगाया कि बीएपी भाजपा की दूसरी पार्टी की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बीएपी नेताओं की भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें देखी जा सकती हैं, लेकिन वे क्षेत्र में काम नहीं करवाते। इसके बावजूद आदिवासी समाज के बीच जाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। घोघरा ने कहा कि आदिवासी युवा अब ऐसे नेताओं की राजनीति को समझने लगे हैं। टिकट वितरण पर उठाए सवाल, जाजम की परंपरा का किया जिक्र घोघरा ने बीएपी की टिकट वितरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के नेता पहले दावा करते थे कि उनके प्रत्याशी समाज की जाजम पर चर्चा के बाद तय होते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अब वह जाजम कहां गई? घोघरा के मुताबिक, इस बार नेताओं ने अपनी मर्जी से टिकट ले लिए और आदिवासी समाज से राय तक नहीं ली। उन्होंने कहा कि बीएपी में पहले एक व्यक्ति को एक ही बार टिकट देने का नियम बताया जाता था, लेकिन अब जो नेता सांसद और विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं, उन्हें जिला परिषद का टिकट भी दे दिया गया। घोघरा ने आरोप लगाया कि बीएपी आदिवासी युवाओं को समाज के नाम पर गुमराह कर रही है और अब तक आदिवासी समाज के लिए कोई बड़ा काम नहीं किया है। निकाय चुनाव में वोट नहीं करने पर भी साधा निशाना गणेश घोघरा ने नगर निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि बीएपी लोकतंत्र की बात करती है, लेकिन यदि उसे कांग्रेस या भाजपा पसंद नहीं थी तो वह नोटा का विकल्प चुन सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएपी नेताओं ने निकाय चुनावों में मतदान नहीं किया और भाजपा के साथ मिलकर काम किया। घोघरा ने कहा कि ऐसे नेताओं को आदिवासी समाज के युवा पहचानने लगे हैं। रफीक खान बोले- भाजपा सरकार में गायब हुई मुफ्त बिजली कांग्रेस के मुख्य सचेतक एवं जिला प्रभारी रफीक खान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय लोगों को 100 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद मुफ्त बिजली की सुविधा गायब हो गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान मुफ्त दवा योजना, मुफ्त जांच योजना और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से लोगों को लाभ पहुंचाया गया तथा नौकरियां दी गईं। खान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली प्रमुख योजना मनरेगा को ही बंद करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पंचायतराज चुनाव में जनता भाजपा को जवाब देगी। खान ने दावा किया कि इस बार पंचायतराज चुनाव में कांग्रेस के प्रमुख और प्रधान बनेंगे। कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में चुनावी रणनीति पर चर्चा इस दौरान पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, शंकर यादव, असरार अहमद, प्रेम कुमार पाटीदार और नारायण पंड्या सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। पंचायतराज चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं के इन बयानों से डूंगरपुर में भाजपा और बीएपी के खिलाफ पार्टी का चुनावी हमला सामने आया।