कांग्रेस नेता कुंती देवड़ा ने डूंगरपुर दौरे के दौरान भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। जोधपुर नगर निगम की पूर्व महापौर कुंती देवड़ा ने कहा कि भाजपा इस बिल को केवल चुनावी फायदे के लिए एक 'जुमला' बनाकर इस्तेमाल कर रही है। देवड़ा ने दावा किया कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के मामले में कांग्रेस का इतिहास ऐतिहासिक और निर्णायक रहा है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति कर रही है। कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए कांग्रेस जिला अध्यक्ष और डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा और पूर्व मंत्री डॉ. शंकर यादव की मौजूदगी में कुंती देवड़ा ने भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया गया था। देवड़ा ने कहा कि सरकार ने इस अधिनियम को तत्काल लागू करने के बजाय जनगणना और परिसीमन जैसी जटिल शर्तों से जोड़ दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन की कोई संवैधानिक आवश्यकता नहीं थी, जैसा कि स्थानीय निकायों के चुनावों में पहले ही देखा जा चुका है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 16 अप्रैल, 2026 की रात को एक नोटिफिकेशन जारी कर कानून को 3 साल बाद लागू करने की बात कही गई है। देवड़ा के अनुसार, यह भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भाजपा के आंतरिक ढांचे पर किया कटाक्ष कांग्रेस नेता कुंती देवड़ा ने भाजपा के आंतरिक ढांचे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा के संगठन में महिलाओं को आज भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व और टिकट नहीं दिया जाता। भाजपा में आज तक कोई महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनी है। इसके विपरीत, कांग्रेस ने 110 साल पहले ही महिला अध्यक्ष चुन ली थी।