डूंगरपुर में विश्व मजदूर दिवस के अवसर पर विभिन्न मजदूर और श्रमिक संगठनों ने जिला मुख्यालय पर रैली निकाली। इस दौरान श्रमिकों ने अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के बैनर तले विभिन्न मजदूर और श्रमिक संगठन बादल महल में एकत्रित हुए। यहां से श्रमिकों ने अपने अधिकारों और मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। यह रैली बादल महल से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और कलेक्ट्रेट पर समाप्त हुई, जहां प्रदर्शन भी किया गया। रैली में मजदूर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, साथिन, कुक कम हेल्पर, छात्रावास रसोइया, सफाईकर्मी और अस्थायी संविदा कर्मी सहित अन्य श्रमिक शामिल थे। इस अवसर पर राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन की जिला अध्यक्ष कमला देवी ने बताया कि श्रमिक अपने काम के हक और वेतन वृद्धि के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उनकी मजदूरी नहीं बढ़ रही है, जिससे उनके परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। कमला देवी ने अपनी बात रखते हुए कहा, "हम हर सुबह 7 बजे डूंगरपुर नाके पर काम की तलाश में जाते हैं, लेकिन कई बार हमें काम नहीं मिलता और खाली हाथ लौटना पड़ता है।" उन्होंने यह भी बताया कि वहां धूप से बचने के लिए छाया या पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 100 दिन के रोजगार की बात करती है, लेकिन काम करने पर समय पर भुगतान नहीं मिलता। पंचायत और संबंधित अधिकारी अक्सर 'बजट की कमी' का हवाला देते हैं, जिससे श्रमिकों को पूरा काम करने के बावजूद अपने हक के पैसे के लिए भटकना पड़ता है। प्रदर्शन के समापन के बाद, श्रमिक संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा।