डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 6 महीने से स्टाइपेंड नहीं मिलने से नाराज 150 इंटर्न डॉक्टर बुधवार सुबह हड़ताल पर उतर गए। 2021-22 बैच के इंटर्न डॉक्टरों ने सुबह करीब 10 बजे नई बिल्डिंग के पोर्च में एकत्र होकर नारेबाजी की और बकाया स्टाइपेंड का भुगतान करने की मांग उठाई। डॉक्टरों का कहना है कि वे कई बार कॉलेज प्रिंसिपल से मिलकर अपनी समस्या बता चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। इलाज और जांच के लिए पहुंचे मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 6 महीने से भुगतान का इंतजार, आश्वासन से बढ़ी नाराजगी डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत 2021-22 बैच के 150 इंटर्न डॉक्टर बुधवार सुबह करीब 10 बजे नई बिल्डिंग के पोर्च में एकत्र हुए। यहां उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए स्टाइपेंड नहीं मिलने पर आक्रोश जताया। इंटर्न डॉक्टरों ने बताया कि वे पिछले 6 महीने से स्टाइपेंड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में कॉलेज प्रिंसिपल से कई बार मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाया, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। अब तक न तो बकाया राशि का भुगतान हुआ और न ही समस्या का समाधान निकला। आर्थिक परेशानी बढ़ी, दिवाली से पहले भुगतान की मांग इंटर्न डॉक्टरों ने बताया कि 6 महीने से स्टाइपेंड नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी दिनों में दिवाली का त्योहार भी है। ऐसे में लंबे समय से बकाया भुगतान नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। डॉक्टरों ने मांग की कि उनके बकाया स्टाइपेंड का जल्द भुगतान किया जाए, ताकि आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके। हड़ताल से अस्पताल की सेवाएं प्रभावित, मरीज परेशान इंटर्न डॉक्टर अस्पताल के अलग-अलग वार्डों में ड्यूटी दे रहे थे। उनके हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगीं। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों ने बताया कि वे सुबह से ही कतारों में लगे हैं, लेकिन डॉक्टरों के उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी हो रही है। मरीजों और उनके परिजनों ने जांचें नहीं होने और इलाज में देरी को लेकर नाराजगी जताई। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अस्पताल आने वाले मरीजों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।