देश में हाल ही में हुए नीट, यूजीसी और सीबीएसई पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों का विरोध जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को डूंगरपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ शहर में आक्रोश रैली निकाली। छात्रों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। एसएफआई के झंडे और "मोदी सरकार चुप्पी तोड़ो, छात्रों को जवाब दो" लिखे नारों की तख्तियां थामे छात्र सड़क पर उतरे। एसएफआई ने एसबीपी कॉलेज से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। इस दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रवेश का प्रयास किया, जिस पर पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की भी हुई। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर जताया रोष आक्रोश रैली का नेतृत्व कर रहे एसएफआई के राजस्थान राज्य उपाध्यक्ष फाल्गुन बरंडा ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर वामपंथी संगठनों और छात्रों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से दिए जा रहे धरने को दिल्ली पुलिस ने बलपूर्वक हटा दिया, जो निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक लोकतांत्रिक देश में इस प्रकार से आवाज को दबाया जाना तानाशाही है। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के बाद एसएफआई ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने, विवादों में घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को तत्काल प्रभाव से रद्द करने और भविष्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था और सिस्टम में बड़े बदलाव किए जाने की मांग की गई है।