गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर सोमवार को डूंगरपुर जिले में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कलश यात्राएं निकाली गईं, मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना हुई तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत, सनातन आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का संदेश दिया गया। जिला स्तरीय आयोजन करोली गांव स्थित भुवनेश्वर महादेव मंदिर में हुआ, जबकि जिले के विभिन्न उपखंड मुख्यालयों पर भी शिवालयों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। भुवनेश्वर महादेव मंदिर में निकली भव्य कलश यात्रा करोली गांव स्थित भुवनेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम के तहत सुबह मंगल कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में स्कूली छात्राओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम, महिलाओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा और धार्मिक जयघोषों के बीच यह यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए मंदिर परिसर पहुंची। यात्रा के दौरान पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े और जगह-जगह ग्रामीणों ने कलश यात्रा का स्वागत किया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया जलाभिषेक मंदिर परिसर में जिला कलेक्टर देशलदान, सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल, जिला परिषद सीईओ हनुमान सिंह राठौड़ सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान देश की खुशहाली, समृद्धि और राष्ट्रीय एकता की कामना की गई। मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कई धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए, जिनमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने वाला आयोजन: कलेक्टर जिला कलेक्टर देशलदान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज सेवा का भी बड़ा माध्यम है। उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट शिक्षा, चिकित्सा और जनसेवा से जुड़े कई कार्य संचालित कर रहा है, जिससे समाज के विभिन्न वर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य करते हैं। इससे युवाओं में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है। ‘सोमनाथ मंदिर भारत के स्वाभिमान का प्रतीक’ भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांता मोहम्मद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला कर उसे लूटने और ध्वस्त करने का प्रयास किया था, लेकिन भारतीय संस्कृति और श्रद्धा को समाप्त नहीं किया जा सका। अनेक संघर्षों और बलिदानों के बाद मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और आज यह राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना और आत्मगौरव का प्रतीक बन चुका है।
सीमलवाड़ा में भी दिखा श्रद्धा का उत्साह सीमलवाड़ा क्षेत्र में भी ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत सीनियर स्कूल से विश्वनाथ महादेव मंदिर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारतीय सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक चेतना और एकता का संदेश मजबूत होता है।