डूंगरपुर के सागवाड़ा थाना क्षेत्र के भीलूड़ा गांव में रविवार रात बिजली विभाग के एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि इसकी चपेट में आकर पास स्थित तीन खंडहर मकान भी जल गए। दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। यह घटना भीलूड़ा गांव के जैन मोहल्ले के पास बाजार क्षेत्र में रात करीब 12 बजे हुई। ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद तेज चिंगारियां और आग की लपटें उठने लगीं, जिसने कुछ ही देर में पास के कच्चे खंडहर मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद पूरे जैन एवं छोटी औदिच्य मोहल्ले में हड़कंप मच गया। आग बढ़ती देख स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने ट्रांसफार्मर के पास खड़े वाहनों को सुरक्षित हटाया और घटना की जानकारी प्रशासन व फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलने पर सागवाड़ा पालिका से फायरमैन नीलेश पाटीदार अपनी टीम के साथ दमकल लेकर मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर लगभग पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, यदि आग आसपास की आबादी तक फैल जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग और पंचायत प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर की खराब स्थिति को लेकर बिजली विभाग को कई बार अवगत कराया गया था, लेकिन समय पर इसे बदला नहीं गया। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने बताया कि आबादी क्षेत्र में पड़े जर्जर और कच्चे खंडहर मकानों की जानकारी भी पंचायत प्रशासन को दी गई थी। हालांकि, पंचायत ने केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर ली, जिससे ये मकान असुरक्षित बने रहे। स्थानीय निवासी सुनील पंड्या ने इस संबंध में अपनी बात रखी।