डूंगरपुर जिले में वन्यजीव संरक्षण और वन क्षेत्रों की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए वन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। लंबे समय से संसाधनों की कमी का सामना कर रहे वनकर्मियों को अब विभाग की ओर से सशक्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले की सभी 6 रेंजों के लिए वन्यजीव रेस्क्यू किट और वन क्षेत्रों में गश्त के लिए 11 नई बाइक्स उपलब्ध कराई गई हैं। जिले में अक्सर आबादी क्षेत्रों में पैंथर, जरख या अन्य वन्यजीवों के आने पर वनकर्मियों को संसाधनों के अभाव में रेस्क्यू करने में भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। केम्पा स्कीम के तहत डूंगरपुर वन मंडल को ये वन्यजीव रेस्क्यू किट और बाइक्स मिली हैं। 6 रेंजों में रेस्क्यू किट का वितरण डूंगरपुर वन विभाग के एसीएफ गौतम मीणा ने बताया कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए 6 रेंजों में रेस्क्यू किट का वितरण कर दिया गया है। इन किटों में मगरमच्छों को पकड़ने के लिए जाल, तेंदुओं के लिए विशेष पिंजरे और घायल वन्यजीवों के इलाज के लिए आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इन संसाधनों से वन विभाग अब रेस्क्यू कार्यों को बेहतर ढंग से करने में सक्षम हो गया है। एसीएफ गौतम मीणा ने यह भी बताया कि रेस्क्यू किटों के अलावा, वन क्षेत्रों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने 11 नई बाइक्स अपने बेड़े में शामिल की हैं। ये बाइक्स घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर वनकर्मियों को आसानी से पहुंचने में मदद करेंगी, जहां चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाते थे। समय पर गश्त होने से जंगल में होने वाली अवैध कटाई और शिकार जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। खासकर गर्मी के मौसम में वनों में लगने वाली आग की सूचना मिलते ही कर्मचारी कम समय में मौके पर पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि वन्यजीव रेस्क्यू किट का वितरण तो कर दिया गया है, लेकिन बाइक्स का रजिस्ट्रेशन करवाकर जल्द ही सभी रेंजों को सौंपा जाएगा।