भास्कर न्यूज| भरतपुर प्रदेश में तबादलों के बीच स्थानीय निकायों में ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए चल रहे घर-घर डिजिटल सर्वे को प्रभावित होने से बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने अहम आदेश जारी किया है। भरतपुर सहित प्रदेशभर में ओबीसी सर्वे में लगे नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणकों में से जिन कार्मिकों के स्थानांतरण आदेश जारी हो चुके हैं, उन्हें भी सर्वे कार्य पूरा होने अथवा 31 जुलाई तक, जो भी पहले हो, कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश के अनुसार राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग के सर्वे में शिक्षा विभाग के बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए हैं। ऐसे में सर्वे प्रभावित नहीं हो, इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सर्वे पूरा होने अथवा 31 जुलाई तक, जो भी पहले हो, इन कार्मिकों को कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें नए पदस्थापन स्थल पर कार्यग्रहण कराया जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार भरतपुर जिले में ओबीसी सर्वे के लिए 240 प्रगणकों की टीमें लगाई गई हैं। इनमें बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के शिक्षक और कर्मचारी शामिल हैं। जिनका स्थानांतरण हो चुका है, उन्हें भी पहले सर्वे कार्य पूरा करना होगा। इसके बाद ही नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति मिलेगी।