राजस्थान में सड़क हादसों को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जा रही है। जयपुर रेंज पुलिस ने आधा दर्जन ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए, जहां सबसे ज्यादा रोड एक्सीडेंट होते हैं। इन स्पॉट पर 3 साल में 133 मौतें हो चुकी हैं। 20 दिन तक इन स्पॉट का डेटा AI पर अपलोड कर एनालिसिस किया। कारण और समाधान ढूंढ़ने की कोशिश की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सीएचसी कट (पावटा) : 3 साल में 27 एक्सीडेंट, 29 मौतें गोवर्धन पुलिया (कोटपुतली) : तीन साल में 22 की मौत रामनगर (दूदू) : 31 हादसों में 40 की मौत मौखमपुरा (तिराहा) : 3 साल में 25 मौतें धाराजीसीपुर (सीकर) : 13 हादसों में 17 की मौत कैसे हुआ AI का इस्तेमाल, 20 दिनों तक क्या हुआ काम पुलिस की साइबर और आईटी टीम ने प्रत्येक ब्लैक स्पॉट से जुड़ा विस्तृत डेटा तैयार किया। इसमें सड़क की बनावट, मोड़, कट, ट्रैफिक का दबाव, वाहनों की आवाजाही, एक्सीडेंट का वक्त, एक्सीडेंट में शामिल वाहन, सड़क की चौड़ाई, सर्विस रोड, यू-टर्न, रोड लाइट व्यवस्था और अन्य तकनीकी जानकारियां AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड की। AI ने इन सभी डेटा का एनालिसिस किया। इसके बाद बताया कि किन कमियों के कारण सबसे ज्यादा एक्सीडेंट हो रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए कौन-कौन से व्यावहारिक कदम उठाए जा सकते हैं। सालों तक ट्रैफिक पॉइंट पर ड्यूटी देने वाले सीआई मुकेश चौधरी का कहना है कि AI ने कई ऐसे बदलाव सुझाए, जिनपर पहले कभी गौर नहीं किया गया। अगर इन पॉइंट पर काम होगा तो हादसों में भी कमी आएगी। AI ने बताए कई इनोवेटिव समाधान