खैरथल-तिजारा के पूर्व जिला कलेक्टर किशोर कुमार के असमय निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। उनके निधन का समाचार मिलते ही प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। आमजन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक हर कोई इस दुखद खबर से स्तब्ध है। 57 वर्ष की उम्र में ली आखिरी सांस 4 जनवरी 1969 को जन्मे आईएएस किशोर कुमार 57 साल की उम्र के थे,जो कि लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज जयपुर में चल रहा था और 3 अप्रैल शुक्रवार को दोपहर 12 बजे उनका निधन हो गया। समाजसेवी सुमित रोघा ने बताया- किशोर कुमार अपने कार्यकाल के दौरान खैरथल क्षेत्र के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय अधिकारी रहे। उनका व्यवहार अत्यंत सरल, सहज और जनहितकारी था। वे आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका त्वरित समाधान करने के लिए जाने जाते थे। खैरथल में उनका कार्यकाल एक संवेदनशील और सक्रिय प्रशासन के रूप में आज भी याद किया जाता है। उन्होंने प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का काम किया, जिससे लोगों का शासन पर भरोसा और ज्यादा सुदृढ़ हुआ। ‘मामा’ कहकर बुलाते थे सिंधी समाज के लोग क्षेत्र में उनके कई पारिवारिक संबंध भी थे, जिसके चलते सामाजिक रिश्ते और भी प्रगाढ़ हुए। सिंधी समाज के लोग उन्हें प्यार से ‘मामा’ कहकर संबोधित करते थे, जो उनके प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक था। लोगों का कहना है कि किशोर कुमार केवल एक प्रशासक ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग से जुड़े हुए संवेदनशील व्यक्तित्व थे। वो शहर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे और लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहते थे। यही कारण है कि उन्हें हर समाज में समान रूप से सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। उनका खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर के रूप में कार्यकाल 7 सितंबर 2024 से 27 नवंबर 2025 तक रहा, जिसे एक प्रभावशाली और जनोन्मुखी प्रशासन के रूप में याद किया जाएगा। अधिकारियों, आमजन ने दी श्रद्धांजलि उनके निधन पर विभिन्न संगठनों, शहर के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी ने उनकी सेवाओं को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि उनका जाना प्रशासन और समाज दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है।