भास्कर न्यूज| धौलपुर पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने और पशुपालकों की आय सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शनिवार को जिले के अब्दुलपुर गांव में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। राजस्थान पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय राजूवास जयपुर के अधीन संचालित पशुविज्ञान केन्द्र की ओर से आयोजित शिविर में पशुपालकों को टीकाकरण और कृमिनाशक दवा के महत्व की जानकारी दी गई। पशुविज्ञान केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. योगेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि पशुओं का टीकाकरण हमेशा स्वस्थ अवस्था में कराया जाना चाहिए। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और गंभीर संक्रामक बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई टीके सरकार की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे छोटे और सीमांत पशुपालक भी आसानी से अपने पशुओं का टीकाकरण करा सकते हैं। प्रशिक्षण में बताया गया कि ब्रुसेलोसिस, रेबीज, खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, स्वाइन फ्लू और इन्फ्लूएंजा जैसे रोग तेजी से फैलते हैं। समय पर टीकाकरण इन बीमारियों के संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में प्रभावी भूमिका निभाता है। साथ ही प्रत्येक 3 से 6 महीने में पशुओं को कृमिनाशक दवा देना भी जरूरी है,ताकि उनकी बढ़वार, दूध उत्पादन और स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। बीमार पशुओं को अलग बाड़े में रखने की सलाह भी दी गई, जिससे संक्रमण अन्य पशुओं तक न फैले। शिविर में विश्वविद्यालय की विभिन्न पशुपालन सेवाओं और प्रसार गतिविधियों की भी जानकारी दी गई।