प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में उदयपुर विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर चौतरफा हमला बोला। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल पर तंज कसते हुए गहलोत ने कहा कि जैसा नाम है, वैसा ही उनका काम हुआ है। शिखर की तरह काम करते हुए एक साथ 40 विला लेने की जो खबर सामने आई है, वह चौंकाने वाली है। गहलोत ने यूडीए को भ्रष्टाचार का मुख्य केंद्र बताते हुए कहा कि यूडीए करप्शन का अड्डा बन चुका है। यूडीए में जिसे भी पदस्थापित किया जाता है, वह चूकता ही नहीं है। उदयपुर ही नहीं, उसके बाहर भी दलालों का जाल फैला है, ताकि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की पकड़ से बचा जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि जब संबंधित अधिकारी उदयपुर में कलेक्टर थे, तभी से इस खेल की नींव पड़ चुकी थी। इसके अलावा पूर्व सीएम ने कहा कि आईजी सीएमओ को लेकर चर्चा थी कि उनको आईजी सीएमओ से सीधे उदयपुर आईजी की प्राइम पोस्टिंग किन कारणों से दी गई? अब दूसरी खबर शिखर अग्रवाल की आई। बहुत बड़ा कांड हुआ था। उसके बाद भी आईजी को उदयपुर भेजकर प्राइम पोस्टिंग दी गई। अगर पनिश करना होता तो ऐसी प्राइम पोस्टिंग नहीं देते। बता दें, पूर्व सीएम गहलोत यूडीए को पहाड़ियों की अवैध कटाई, हर फाइल को पास करने के एवज में रिश्वत मांगने जैसे आरोप लगाकर घेर चुके हैं। उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) में फाइलों के कई कामों के एवज में रिश्वत के मामले सामने आ चुके फेरबदल और बिचौलियों की सक्रियता का पुराना इतिहास रहा है। यूडीए में पट्टा जारी कराने, ले-आउट प्लान पास कराने और भूखंडों के नियमन के नाम पर रिश्वत लेते हुए एसीबी पूर्व में कई बिचौलियों और दलालों को रंगे हाथों ट्रैप कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। यूडीए कार्यालय से प्राइम लोकेशन की बेशकीमती जमीनों के नियमन और कमर्शियल कनवर्ट से जुड़ी मूल फाइलें रहस्यमयी तरीके से गायब होने के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे अफसरों व दलालों के कॉकस को बचाया जा सके। यूडीए के भीतर और बाहर बिचौलियों का समानांतर नेटवर्क चलता आ रहा है, जो फाइलों को अटकाने और पास कराने के एवज में सीधी सौदेबाजी करते रहते हैं, जिसकी शिकायतें आय दिन होती रहती है। यूडीए के कई पूर्व अधिकारियों पर सरकार को 500 करोड़ से अधिक के राजस्व की चपत तक लगाने के आरोप झेल रहे हैं, जिसकी जांच भी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक यूडीए के दलालों का सिंडिकेट चलाने वाले एक दलाल ने तो डबोक एयरपोर्ट से कुछ किमी की दूरी पर आलीशान रिसॉर्ट तक खड़ा कर दिया है, जिस पर अब सरकार शिकंजा कसने की तैयारी में हैं।