झुंझुनूं में ठगों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय हुआ है जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को वन विभाग (Forest Department) में सीधी भर्ती का झांसा देकर शिकार बना रहा है। ये ठग इतने शातिर हैं कि विश्वास जीतने के लिए वॉट्सऐप पर फर्जी आईकार्ड और डाक से जाली नियुक्ति पत्र तक भेज रहे हैं। ​ठगी का यह खेल इंस्टाग्राम से शुरू होता है। ठग वहां वन विभाग में भर्ती का आकर्षक विज्ञापन चलाते हैं। जैसे ही कोई युवक उस लिंक पर क्लिक कर अपनी जानकारी भरता है, ठग सक्रिय हो जाते हैं। ठग सीधे युवक को वॉट्सऐप पर मैसेज या कॉल करते हैं। विभाग का फर्जी लोगो लगा आईकार्ड भेजा जाता है ताकि युवक को लगे कि प्रक्रिया असली है। सबसे पहले 'रजिस्ट्रेशन फीस' के नाम पर छोटी रकम (जैसे 500-600 रुपये) मांगी जाती है। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन, इंश्योरेंस और मेडिकल के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं। ​दो युवाओं की आपबीती ​केस 1 (खुडाना गांव): यहां के निवासी भरत ने ऑनलाइन विज्ञापन देखकर आवेदन किया था। ठगों ने उससे रजिस्ट्रेशन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर 15 हजार रुपए ठग लिए। हद तो तब हो गई जब उसे डाक से एक फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) भी भेज दिया गया। जब ठगों ने इंश्योरेंस के नाम पर फिर से 15 हजार मांगे, तब भरत को ठगी का एहसास हुआ। ​केस 2 (बिशनपुरा): पुष्पेंद्र नाम के युवक ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखकर फॉर्म भरा। ठगों ने उससे 550 रुपये लिए और अगले ही दिन वॉट्सऐप पर उसका फोटो लगा 'फॉरेस्ट कार्ड' भेज दिया। इसके बाद वेरिफिकेशन के नाम पर 3,260 रुपये और मांगे गए, जिससे उसे शक हो गया। ​अधिकारियों ने कहा सोशल मीडिया पर नहीं होती भर्तियां ​इस मामले पर जिला वन संरक्षक काविया पीबी ने युवाओं को आगाह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ​वन विभाग कभी भी सोशल मीडिया या वॉट्सऐप के माध्यम से नियुक्तियां नहीं करता। ​सभी भर्तियां राज्य सरकार की अधिकृत वेबसाइट और आधिकारिक विज्ञप्तियों (Official Notifications) के जरिए ही होती हैं। ​किसी भी व्यक्ति या निजी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। ​यदि आप भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें