अजमेर के गेगल-रीको औद्योगिक क्षेत्र में एग्जाम सेंटर पर लगाए गए जैमर से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नेटवर्क और इंटरनेट ठप होने से उद्योगों का कामकाज बाधित हो रहा है, जिससे व्यापारियों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि इंडस्ट्रियल एरिया में कॉमर्शियल एक्टिविटीज संचालित की जा रही हैं, जो नियमों के खिलाफ है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। हालात यह हैं कि संचार व्यवस्था ठप होने से उत्पादन और लेन-देन प्रभावित हो रहा है, जिससे उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मजदूरों की कमी और उत्पादन ठप होने की स्थिति में कई इकाइयों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, अजमेर-जयपुर नेशनल हाईवे से सटे गेगल रीको एरिया में खोले गए एग्जाम सेंटर पर लगे जैमर के कारण बंद होने वाली नेट कनेक्टिविटी व्यापार में बाधा बनी हुई है। वहीं एरिया में आवागमन का साधन नहीं है और मजदूरों के संकट से व्यापारी जूझ रहे हैं। करीब 100 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर हर माह होता है। वर्तमान में यहां 30 फीसदी से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद पड़ी है। पीने के पानी की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है। खाली पड़ी जगह और मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण की भरमार है। यहां छोड़ी गई ग्रीन बेल्ट भी दुर्दशा की शिकार हो रही है। ऐसा नहीं है कि इन समस्याओं को लेकर व्यापारियों ने रीको प्रशासन को अवगत नहीं कराया, लेकिन रीको की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया और समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है। सबसे ज्यादा कपड़ा बनाने की फैक्ट्रियां गेगल रीको एरिया में सबसे ज्यादा करीब बीस कपड़ा बनाने की फैक्ट्रियां हैं। इसके अलावा मिनरल पत्थर पीसने, गैस प्लान्ट, ट्रांसफार्मर निर्माण, वर्कशॉप, सेमी इंजीनियरिंग मशीन बनाने, पीतल के बुश बनाने, गैस पाइप बनाने, बैकरी, बीज, डेयरी, प्लास्टिक कैप्सूल और धागा बनाने की फैक्ट्रियां है। करीब 100 से ज्यादा व्यापारी हैं और 2 हजार से ज्यादा मजदूरों को यहां पर रोजगार मिलता है। जेमर से नेट कनेक्टिविटी में बाधा, व्यापार प्रभावित गेगल रीको इंडस्ट्रियल एरिया के अध्यक्ष दिनेश नवाल ने बताया कि गेगल रीको औ‌द्योगिक क्षेत्र में एक एग्जाम सेंटर बना हुआ है। यहां पर आए दिन परीक्षाएं होती रहती है, जिस दिन एग्जाम होते हैं, उस दिन जैमर चालू रखा जाता है। जिसकी फ्रीक्वेंसी बहुत तेज होती है, जिससे पूरे गेगल रीको औ‌द्योगिक क्षेत्र में मोबाइल के नेटवर्क और इंटरनेट में इश्यू आता है। इससे फोन पर बात नहीं कर पाते हैं और इंटरनेट की दिक्कत के कारण अपने अकाउंट, बिल मेंटेन करने में भी परेशान होते हैं। पिछले कई वर्षों से सभी के व्यापार में भारी नुक़सान हो रहा है। जबकि ये सेंटर कॉमर्शियल है और प्लॉट इंडस्ट्रियल। इसके बावजूद रीको की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। समस्याएं बताने के बावजूद भी रीको ने नहीं किया समाधान उन्होंने बताया कि इसके अलावा यहां पीने के पानी के लिए कोई सुचारू इंतजाम नहीं है। यहां तीन टंकियां बनी हुई है, लेकिन कनेक्शन नहीं दिए गए। वहां से पानी लाना पड़ता है। इससे अनावश्यक परेशानी होती है। ये टंकियां भी अधिकांश दिनों में खाली हो जाती है, तो महंगे दामों पर टैंकर मंगवाने पड़ते है। इसके अलावा क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन और मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हो रखे है। यहां झुग्गी झोपड़ी बनाकर लोग रह रहे हैं। यहां पार्क भी बने है, लेकिन ये उजाड़ हो चुके है। यहां पेड़ पौधे कम और झाड़ियां और बबूल ज्यादा है। रीको प्रशासन को इन सभी समस्याओं के बारे में बताया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। अजमेर जिले के सभी औ‌द्योगिक क्षेत्र बढ़े हैं, लेकिन केवल गेगल औ‌द्योगिक क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया। आज भी यहां पर 30 फीसदी फैक्ट्रियां बंद पड़ी है। आवागमन के साधन नहीं, लेबर की प्रॉब्लम भी बड़ी गेगल रीको इंडस्ट्रियल एरिया के पूर्व अध्यक्ष राजेश नवाल ने बताया कि यहां सबसे बड़ी समस्या लेबर की है। लेबर के नहीं मिलने के कारण प्रोडक्शन नहीं मिल पाता और यहां कई फैक्ट्रियां बद पड़ी है। ये समस्या वैसे सभी जगह है। साथ ही एरिया के सामने कट था, जिसे आए दिन होने वाले हादसों के कारण बंद कर दिया और अब डिवाइडर बना दिया गया है। आगे पुलिया है, वह भी छोटी है। ऐसे में टोल के पास से वाहन घूम कर आते हैं। जिससे हादसे की संभावना बनी रहती है। लोकल आवागमन का नहीं है साधन उन्होंने बताया कि हाईवे से सटे होने के बावजूद यहां के लिए लोकल आवागमन का साधन नहीं है। जो बसें चलती है, वे अधिकांश एक्सप्रेस है और ऐसे में अगर उनमें बैठ जाएं तो अधिकांश रुकती नहीं है और रुक भी जाती है तो किराया गेगल का नहीं लेकर किशनगढ़-अजमेर का लेती है। ऐसे में यहा लेबर भी काम करने के लिए आना पसंद नहीं करती। ……….. रीको की ये खबर भी पढ़ें…. 40% डिस्काउंट पर प्लॉट देगा RIICO:अजमेर-ब्यावर में 11 नए रीको एरिया बनाए; 1712 प्लॉट खाली, जानिए कैसे करें अप्लाई अजमेर-ब्यावर में रीको ने 11 नए रीको एरिया बनाए हैं और यहां पर उद्योग लगाने के लिए प्लॉट का सीधा आवंटन करेगा। नई पॉलीसी के तहत 33 साल की लीज पर 40 प्रतिशत डिस्कॉउंट दिया जाएगा। इनमें प्लॉट लेने के लिए राज निवेश पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर एमओयू करना जरूरी होगा। वहीं, अजमेर ब्यावर में पुराने 38 रीको एरिया में कुल 6 हजार 85 प्लॉट काटे गए थे और आज भी इनमें से 1712 प्लॉट खाली पडे़ हैं। इनका आवंटन रीको ई-ऑक्शन के माध्यम से करता है। इसके लिए समय समय पर रीको मुख्यालय की ओर से सूचना जारी की जाती है। ये आवंटन 99 साल की लीज पर होता है।(पूरी खबर पढ़ें…)