भारतीय खिलाड़ियों ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 5वें दिन 2 सिल्वर मेडल जीत लिए। मंगलवार देर रात गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10 हजार मीटर की रेस में दूसरा स्थान हासिल किया। वे इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। इससे पहले महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने कुल 227 किलो वजन उठाकर सिल्वर जीता। भारत के 3 मुक्केबाजों ने भी अपने मैच जीतकर मेडल पक्के कर लिए हैं। तीनों सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। भारत गुलवीर और हरजिंदर के सिल्वर के बावजूद मेडल टैली में नौवें नंबर पर खिसक गया है। उसने अब तक 2 गोल्ड समेत कुल 12 मेडल जीते हैं। भारत एक दिन पहले टैली में 7वें नंबर पर था। ऑस्ट्रेलिया 35 गोल्ड लेकर कुल 80 मेडल जीतकर टॉप पर बना हुआ है। गुलवीर ने 27:49.78 सेकंड में 10,000 m रेस पूरा किया गुलवीर ने स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में भारी बारिश और गीले ट्रैक में 27:49.78 सेकंड का समय निकाला। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने गोल्ड और आइल ऑफ मैन मुल्लार्की ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। सेना में भर्ती के लिए दौड़ना शुरू किया, अब देश के लिए मेडल जीत रहे 27 साल के गुलवीर सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव के रहने वाले हैं और भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं। उन्होंने सेना में भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ना शुरू किया था। 2018 में ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल होने के बाद उन्होंने एथलेटिक्स को गंभीरता से अपनाया। रेस के अंतिम लैप की शुरुआत में गुलवीर चौथे स्थान पर थे, लेकिन शानदार वापसी करते हुए सिल्वर मेडल जीत लिया। गुलवीर ने इंटरनेशनल स्तर पर पहली बड़ी सफलता 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर इवेंट का ब्रॉन्ज मेडल जीतकर हासिल की। इसके बाद 2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर का ब्रॉन्ज जीता। 2025 में दक्षिण कोरिया के गुमी में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 और 10,000 मीटर, दोनों इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। उनके नाम 5,000 मीटर, 10,000 मीटर, एक मील और हाफ मैराथन के भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। 2025 में वह 3:55.63 मिनट में एक मील पूरी करने वाले पहले भारतीय बने। इसी साल उन्होंने 59:42 मिनट में हाफ मैराथन पूरी कर 60 मिनट से कम समय में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय बनने का रिकॉर्ड भी बनाया। हरजिंदर कौर ने पर्सनल बेस्ट के साथ रजत जीता वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने महिलाओं की 69 किलो वेट कैटेगरी में 227 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 101 किलो वजन उठाकर पर्सनल बेस्ट हासिल किया। उसके बाद क्लीन एंड जर्क में 126 किलो वजन उठाते हुए सिल्वर हासिल किया। इस इवेंट का गोल्ड कनाडा की चार्लोट सिमोन्यू (कुल 240 किलोग्राम) और बॉन्ज ऑस्ट्रेलिया की नया फीबी हेमैन (कुल 227 किलोग्राम) को मिला। कबड्डी छोड़ वेटलिफ्टिंग अपनाई, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार दूसरा मेडल हरजिंदर कौर पंजाब के नाभा के महेश गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने खेल की शुरुआत वेटलिफ्टिंग से नहीं, बल्कि कबड्डी और रस्साकशी से की थी। उनके कोच परविंदर शर्मा ने उनकी मजबूत मसल पावर देखकर उन्हें वेटलिफ्टिंग अपनाने की सलाह दी। हरजिंदर घर पर चारा काटने की मशीन चलाती थीं, जिसमें लोहे के दो बड़े पहियों को घुमाना पड़ता था। इससे उनकी ताकत बढ़ी और वेटलिफ्टिंग की शुरुआत में उन्हें ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने अपने पहले ही मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब सिल्वर जीतकर उन्होंने संकेत दे दिया है कि अगला लक्ष्य गोल्ड मेडल है। वेटलिफ्टिंग में भारत के 7 मेडल, मणिपुर के खिलाड़ियों के 3 हरजिंदर कौर का सिल्वर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में भारत का सातवां मेडल है। इससे पहले मीराबाई चानू ने गोल्ड, ऋषिकांत सिंह, ज्ञानेश्वरी यादव, राजा मुथुपांडी और अजय बाबू ने सिल्वर, जबकि बिंदियारानी देवी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। मणिपुर के खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी शानदार रहा। राज्य के मीराबाई चानू, ऋषिकांत सिंह और बिंदियारानी देवी भारत के लिए मेडल जीत चुके हैं। यानी अब तक वेटलिफ्टिंग में भारत के 6 में से 3 मेडल अकेले मणिपुर के खिलाड़ियों ने दिलाए हैं। 3 मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंचे, गोल्ड की उम्मीद कायम भारत के 3 मुक्केबाजों ने मेडल पक्के किए। महिला वर्ग में प्रीति पवार, प्रिया घांघस और पुरुष वर्ग में जादूमणि ने अपनी-अपनी वेट कैटेगरी के मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गए। प्रीति ने 54 kg के क्वार्टर फाइनल में नॉर्दन आयरलैंड की खिलाड़ी निकोल क्लाइड को 5-0 से हराया। जबकि, प्रिया ने 60 kg में स्कॉटलैंड की निया मिचेल को 4-1 से हराया। वहीं, पुरुषों के 55 kg वेट कैटेगरी में जादूमणि ने जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले को 5-0 से हराया। तीनों सेमीफाइनल 31 जुलाई को होंगे। प्रीति का जमैका की कैथरीन म्वापे से खेलेंगी। प्रिया का मैच इंग्लैंड की लूसी किंग्स-व्हीटली से होगा। वहीं, जादूमणि नामीबिया के फिलािप पुमुलो मुताकेला हाओसेब से भिड़ेंगे। बॉक्सिंग में तीसरे स्थान (ब्रॉन्ज मेडल) के लिए अलग मैच नहीं कराया जाता। इसलिए सेमीफाइनल हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को संयुक्त रूप से ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है। निरुपमा देवी मेडल चूकी, क्लीन एंड जर्क के तीनों प्रयास असफल रहे वेटलिफ्टर निरुपमा देवी सेरम विमेंस 63 kg कैटेगरी के क्लीन एंड जर्क में तीनों प्रयासों में 123 kg वजन उठाने में असफल रहीं। उन्हें नो मार्क मिला और वे मेडल रेस से बाहर हो गईं। उन्होंने स्नैच 93 kg वजन उठाकर पांचवां स्थान हासिल किया था। इस वर्ग का गोल्ड कनाडा की ओलिंपिक चैंपियन मॉड शैरॉन ने 232 kg के कुल वजन के साथ जीता। इंग्लैंड की सारा डेविस स्मेल (217 kg) को सिल्वर और नाउरू की फेमिली-क्रिस्टी नोट्टे (216 kg) को ब्रॉन्ज मिला। विशाल 400 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में एथलेटिक्स में विशाल टीके मेंस 400 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में पहुंच गए। उन्होंने अपनी हीट में 46.49 सेकेंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं राजेश रमेश 47.43 सेकेंड के साथ कुल 17वें स्थान पर रहे और सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सके। श्रीहरि बैकस्ट्रोक स्विमिंग के सेमीफाइनल में स्विमिंग में श्रीहरि नटराज ने पुरुष 100 मीटर बैकस्ट्रोक हीट्स में 55.58 सेकेंड का समय निकालकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। हालांकि, साजन प्रकाश 50 मीटर बटरफ्लाई हीट्स में 24.94 सेकेंड के साथ 28वें स्थान पर रहे और बाहर हो गए। पैरा स्विमिंग में कार्तिक बुडीगिना और अली इमाम ने पुरुष 50 मीटर फ्रीस्टाइल S13 के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। दोनों हीट्स में छठे और आठवें सबसे तेज स्विमर रहे। ----------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… बॉक्सर सचिन सिवाच जीते तो मेडल पक्का:संजना वेटलिफ्टिंग में गोल्ड के लिए खेलेंगी; कॉमनवेल्थ गेम्स का आज छठा दिन कॉमनवेल्थ गेम्स के छठे दिन भारतीय खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग, स्विमिंग, एथलेटिक्स, पैरा स्विमिंग, बॉक्सिंग और लॉन बॉल्स में चुनौती पेश करेंगे। टीम की सबसे ज्यादा उम्मीदें वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स से रहेंगी। पूरी खबर