तीन पीढ़ियों के चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गोटन पुलिस ने मंदिरों में नकबजनी और ट्यूबवेलों से बिजली के केबल चोरी करने वाले शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह रही कि गिरोह का सरगना 66 का बदमाश वारदात के समय धोती-कुर्ता छोड़ पेंट-शर्ट पहनकर भेस बदल लेता था, ताकि कोई उसे पहचान न सके। गिरोह में दादा, बेटे और पोते समेत एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां शामिल थीं। पूछताछ में आधा दर्जन वारदातें कबूली पुलिस अधीक्षक रोशन मीना के निर्देशन में चली कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने गोटन थाना क्षेत्र में करीब आधा दर्जन चोरी और नकबजनी की वारदातें करना स्वीकार किया है। गिरोह का मुख्य सदस्य 66 वर्षीय जगदीश बावरी अपनी पहचान छुपाने के लिए वारदात के समय पारंपरिक धोती-कुर्ता की जगह पेंट-शर्ट पहनता था। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से इलाके में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। ​मंदिरों से दानपात्र और ट्यूबवेलों से केबल चुराए आरोपियों ने ग्राम मोकलपुर स्थित पाल वाली माताजी मंदिर और रोल चांदावता के देवनारायण मंदिर को निशाना बनाया था। गिरोह मंदिरों से दानपात्र चोरी करता था, वहीं ट्यूबवेलों से बिजली के केबल काटकर ले जाता था। दो लाख के चांदी के आभूषण और चोरी का सामान बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2 लाख रुपए कीमत के चांदी के आभूषण, ट्यूबवेलों की विद्युत केबल, गैस सिलेंडर, चूल्हा और मंदिर का दानपात्र बरामद किया है। वारदात में प्रयुक्त बजाज मोटरसाइकिल और केबल काटने वाली लोहे की कुल्हाड़ी भी जब्त की गई है। दादा, बेटे और पोते समेत गिरोह के सदस्य गिरफ्तार पुलिस ने गिरोह के सरगना जगदीश (66), उसके बेटे महेन्द्र (41) और अजयपाल (35), पोते पवन (21) तथा चोरी की चांदी खरीदने वाले सुनार सुमेर लाल (45) को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी सुरेश चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने फील्ड इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने बताया कि पूरी कार्रवाई में कॉन्स्टेबल नरसीराम बेड़ा का विशेष योगदान रहा।