टोंक| मार्च के अंतिम दो दिनों में ओलावृष्टि और बरसात से जिले के 88 गांवों में हुए नुकसान और इसके लिए विशेष गिरदावरी कराने की प्रक्रिया शुरू होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। प्रदेश के अन्य प्रभावित जिलों से भी नुकसान के सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने हाल ही 20 अप्रेल को फिर से लेटर जारी कर 3 बिन्दुओं पर जानकारी मांगी है। टोंक जिले से 22 अप्रेल को पत्र के जरिए इन बिन्दुओं पर जानकारी भेज दी गई है। इससे पहले जिला प्रशासन ने 88 गांवों की सूची संलग्न कर 4 अप्रेल को ही (आपदा के 5 दिन बाद ही) नुकसान के सर्वे की रिपोर्ट आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेज दी थी। यहां 11 अप्रेल को टोंक आए मुख्य सचिव ने भी रबी की फसलों में हुए नुकसान के मुआवजे को लेकर कलेक्टर टीना डाबी से जानकारी ली थी। आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की उप सचिव ने यहां भेजे पत्र में ओलावृष्टि के बाद नुकसान की जानकारी नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया से भेजने, फसलों की वर्तमान स्थिति और फसलों के कटने के कारण अब विशेष गिरदावरी कैसे होगी? की जानकारी मांगी थी। जिला प्रशासन की तरफ से भेजे गए जवाबी पत्र में 3 बिन्दुओं की जानकारी देते हुए स्थिति स्पष्ट की है। भेजे गए जवाब में कहा गया है कि 4 और 10 अप्रेल को पत्र भेजकर नियमानुसार सर्वे की रिपोर्ट दी गई है। फसलों के बारे में बताया गया है कि नुकसान और उसके बाद सर्वे तक फसलें खेतों में खड़ी थी, आज की स्थिति में फसलें कट चुकी हैं। विशेष गिरदावरी कैसे संभव है, के जवाब में कहा गया है कि सर्वे के दौरान सम्ब​न्धित का​र्मिकों ने फसलों की सूची तैयार कर ली थी। सर्वे में नगरफोर्ट, मालपुरा, टोडारायसिंह तहसील के 88 गांवों में 25 से 100 प्रतिशत तक फसलों में खराबा माना गया था। ओलावृ​ष्टि और बरसात से गेहूं, सरसों, जौ, चना, सौंफ, कलौंजी तथा सब्जियों में नुकसान पाया गया था। मार्च की 30 और 31 तारीख को तीनों तहसीलों के 88 गांवों में ओलावृष्टि और बरसात हुई थी। प्रभावित 31 गांवों में सबसे अधिक 75 से 100 प्रतिशत फसलों में नुकसान पहुंचा था। कुछ बिन्दुओं पर जानकारी मांगी थी, भेज दी है: प्रभारी जिले में ओलावृष्टि और बारिश से नुकसान का सर्वे कराकर 4 अप्रेल को ही विशेष गिरदावरी के लिए रिपोर्ट भेज दी थी। दूसरे जिलों से भी ऐसी ही रिपोर्ट आनी थी। इसके बाद आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने फिर से 3 बिन्दुओं पर जानकारी मांगी, यह भी भेज दी गई है। सरकार के विशेष गिरदावरी के आदेश के बाद जिले के प्रभावित किसानों को मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - हुक्मीचंद रोहलानियां, प्रभारी अधिकारी भू अभिलेख (एसडीएम, टोंक)