हनुमानगढ़ बार संघ ने अधिवक्ताओं की सुविधा और खर्च कम करने के लिए कई बदलाव किए हैं। बार रूम, पुस्तकालय और कैंटीन में 10 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है। इससे हर महीने हजारों रुपए के बिजली बिल में राहत मिलेगी। पुस्तकालय को आधुनिक बनाया गया है, जहां वाई-फाई और AI आधारित ई-लाइब्रेरी शुरू हुई है। इसमें नया कंप्यूटर सेट भी है। ई-लाइब्रेरी में सुप्रीम कोर्ट के सभी पुराने और नए फैसले उपलब्ध हैं। अधिवक्ता AI तकनीक से कानूनी विषय पर फैसले खोज सकेंगे। बार संघ की वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए HDFC बैंक में खाता खुलवाया गया है। अब वकालतनामे की टिकटों की बिक्री से मिली राशि स्कैनर से सीधे बैंक खाते में जमा होगी। सभी भुगतान भी इसी खाते से होंगे, जिससे गड़बड़ी की आशंका कम होगी। स्कैनरयुक्त आईकार्ड से होगी पंजीकृत अधिवक्ताओं की पहचान बार संघ में फर्जी वकीलों पर अंकुश लगाने और सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्कैनरयुक्त पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए आवेदन भरवाए गए हैं। बार में पंजीकृत और नियमित प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को ये आईकार्ड दिए जाएंगे। इससे बार संघ में पंजीकृत नहीं होने वाले व्यक्तियों की पहचान करने और अधिवक्ता के नाम का गलत इस्तेमाल कर सुविधाओं का अनुचित लाभ उठाने वालों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। 50 चैंबर्स के निर्माण के लिए बजट का इंतजार बार संघ अध्यक्ष रोहित खिच्ची ने बताया कि बार परिसर की पार्किंग में अधूरे पड़े फर्श के स्थान पर इंटरलॉकिंग करवाने की योजना भी बनाई गई है। इसके अलावा हाईकोर्ट से 50 चैंबर्स की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन इनके निर्माण के लिए सरकार से बजट स्वीकृत होना बाकी है। बजट स्वीकृति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बजट मिलते ही चैंबर्स का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। बार संघ की ओर से अधिवक्ताओं के हितों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आगे भी आवश्यक विकास कार्य करवाने की योजना है।