हनुमानगढ़ में जिला स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित 3 दिवसीय 'पंच गौरव भटनेर उत्सव-2026' के दूसरे दिन शनिवार देर शाम सेंट्रल पार्क लोक संस्कृति के रंगों से जीवंत हो उठा। 'लोक रंग' सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। बड़ी संख्या में शहरवासियों ने देर रात तक इस कार्यक्रम में लोक कला, संगीत और नृत्य का आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राजस्थान की पारंपरिक लोक प्रस्तुतियों से हुई। बीकानेर के कलाकारों ने भवाई और चरखुला नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। गोगामेड़ी के कलाकारों ने बीन, भपंग और बांसुरी की जुगलबंदी पेश की, वहीं सूफी और लंगा लोक गायकों ने अपनी गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। नूर लोक नृत्य, गिद्धा और भांगड़ा ने बांधा समां हरियाणा के कलाकारों ने नूर लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। पंजाब की टीम ने पारंपरिक गिद्धा और भांगड़ा प्रस्तुत किया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल बन गया। जोधपुर के कलाकारों ने कालबेलिया नृत्य पेश किया। अन्य लोक कलाकारों ने भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को मंच पर प्रदर्शित किया। देर रात तक भरा रहा सेंट्रल पार्क दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का लगातार उत्साहवर्धन किया। इस सांस्कृतिक संध्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। सेंट्रल पार्क दर्शकों से खचाखच भरा रहा, जहां परिवारों सहित पहुंचे लोगों ने देर रात तक इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य जिले की सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों को भी अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिला।