हनुमानगढ़ जंक्शन की धानमंडी में बुधवार रात हुई हल्की बारिश ने पानी निकासी की व्यवस्था की पोल खोल दी। मंडी परिसर में जलभराव होने से खुले में रखा धान भीग गया। अब व्यापारी भीगा धान खरीदने से हिचक रहे हैं, जिससे किसानों के सामने फसल बेचने का संकट खड़ा हो गया है। जलभराव, टूटी सड़कों और खराब धर्मकांटे जैसी समस्याओं से परेशान व्यापारियों और मजदूरों ने गुरुवार को नाराजगी जताई। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि जल्द सुधार नहीं हुआ तो मंडी बंद कर धरना दिया जाएगा और टैक्स देना भी बंद कर देंगे। हल्की बारिश में बिगड़े हालात, भारी बारिश में बढ़ेगी परेशानी तोला धानका यूनियन के सतपाल दामड़ी ने कहा कि फसलों को नुकसान होने के बाद ही जनप्रतिनिधि और अधिकारी सक्रिय होते हैं, जबकि ऐसी समस्याओं से बचने के लिए पहले से जरूरी व्यवस्थाएं की जानी चाहिए। बुधवार रात मामूली बारिश में ही मंडी में पानी भर गया और खुले में रखा धान भीग गया। ऐसे में भारी बारिश होने पर हालात और खराब हो सकते हैं। उन्होंने कृषि उपज मंडी समिति के सचिव और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों से पानी निकासी की समस्या का स्थायी समाधान करवाने की मांग की। सालों से जल निकासी की समस्या, सड़कें भी टूटी व्यापार मंडल संघ के पूर्व अध्यक्ष प्यारेलाल बंसल ने बताया कि मंडी में पानी निकासी की समस्या कई सालों से बनी हुई है। परिसर की सड़कें टूटी हुई हैं और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी प्रभावी नहीं है। इस संबंध में अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन बजट के अभाव में समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जलभराव के कारण किसानों की फसल प्रभावित हो रही है, वहीं खराब सड़कों से मंडी में आवागमन और कामकाज में भी परेशानी होती है। खराब धर्मकांटे से तुलाई में दिक्कत बंसल ने बताया कि मंडी का धर्मकांटा खराब है। इसके अलावा, इसका आकार छोटा होने के कारण तुलाई के दौरान भी परेशानी आती है। व्यापारियों और मजदूरों का कहना है कि मंडी में बुनियादी सुविधाओं की कमी से रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ रहा है। उन्होंने समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो वे मंडी बंद कर धरना देंगे और टैक्स चुकाना भी बंद कर देंगे। अधिकारी बोले- ड्रेनेज सिस्टम की जांच करवाएंगे कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारी विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि पहले से बनी नालियों का लेवल नीचे होने के कारण शेड के पास बरसाती पानी भर जाता है। फिलहाल मजदूर लगाकर पानी की निकासी करवाई जाती है। व्यापारियों के कहने पर समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार करवाया गया है। यदि इसमें कोई कमी है तो मार्केटिंग बोर्ड के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर जांच करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मंडी की टूटी सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। धर्मकांटे की समस्या को लेकर भी विचार किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव तैयार होने पर इसे भी शामिल किया जाएगा।