हनुमानगढ़ में एक किसान ने व्यापारी पर करीब 300 क्विंटल धान खरीदकर करीब 9 लाख रुपए का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। किसान के अनुसार, व्यापारी ने 3300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से धान खरीदा और सात दिन में भुगतान करने का भरोसा दिया, लेकिन समय बीतने के बाद भी रकम नहीं दी। बार-बार पैसे मांगने पर टालमटोल करता रहा और बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। कोर्ट में दी गई अर्जी पर टाउन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 25 बीघा जमीन पर उगाई थी धान की फसल पुलिस के अनुसार, गुरजीत सिंह (31) पुत्र नाजम सिंह जटसिख निवासी गोदारा बास, फतेहगढ़ ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हनुमानगढ़ के समक्ष अर्जी पेश की थी। इसमें प्रेम सेतिया पुत्र हाकमराय सेतिया निवासी सूरेवाला, तहसील टिब्बी, हाल नई आबादी, गली नंबर 10, टाउन को आरोपी बनाया गया है। अर्जी के अनुसार, गुरजीत सिंह और उनके पिता ने चक नंबर 22 एचएमएच में 25 बीघा जमीन ठेके पर लेकर धान की फसल उगाई थी। फसल तैयार होने के बाद उसे काटकर घर लाकर सुखाया गया। घर से धान उठाने की बात कही 3 दिसंबर 2024 को प्रेम सेतिया किसान के पास पहुंचा। उसने खुद को धान खरीद का कारोबारी बताते हुए बाजार भाव से 150 रुपए प्रति क्विंटल अधिक कीमत देने की बात कही। साथ ही घर से ही धान उठाने और गांव के अन्य किसानों से भी धान खरीदने की बात कही। किसान के अनुसार, दोनों के बीच 3300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से सौदा तय हुआ। सात दिन में भुगतान का भरोसा उसी दिन आरोपी ट्रक नंबर RJ 14 GA 3454 से धान ले गया। किसान ने भुगतान मांगा तो आरोपी ने सात दिन में पैसे देने की बात कही। इसके साथ ही उसने बाकी धान भी खरीदने का भरोसा दिया। इसके बाद 9 दिसंबर 2024 को आरोपी दोबारा किसान के पास पहुंचा और बाकी धान भी लोड करवाने को कहा। उसी दिन दूसरे ट्रक नंबर RJ 19 GD 2972 में भी बाकी धान लोड करवा दिया गया। भुगतान मांगने पर टालमटोल का आरोप किसान के अनुसार, दोनों बार धान ले जाने के बाद कुल मिलाकर करीब 300 क्विंटल धान आरोपी को बेच दिया गया। इसकी कीमत करीब 9 लाख रुपए बताई गई है। भुगतान का समय आने पर किसान ने रकम मांगी, लेकिन आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। पुलिस ने शुरू की जांच भुगतान नहीं मिलने के बाद किसान ने न्यायालय का रुख किया। न्यायालय की अर्जी पर टाउन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस धान की खरीद, ट्रकों में लोडिंग, भुगतान के समझौते और करीब 9 लाख रुपए की बकाया राशि से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।