हनुमानगढ़ के संगरिया थाना क्षेत्र में 11-12 साल की बच्ची खुशी की नहर में डूबने से हुई मौत के मामले में नया मोड़ आया है। बच्ची के दादा जयपाल (62) ने अपनी बहू समेत तीन लोगों पर खुशी की हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश के बाद संगरिया थाना पुलिस ने हत्या के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार दादा जयपाल ने अपनी शिकायत में सोनादेवी पुत्री कृष्णलाल, राजेंद्र सिंह पुत्र भोला सिंह जटसिख और महकदीप कौर पुत्री राजेंद्र सिंह को आरोपी बनाया है। ये सभी मालारामपुरा, संगरिया के रहने वाले हैं। शिकायतकर्ता जयपाल ने बताया कि करीब 13-14 साल पहले उनके बेटे रामप्रताप की शादी भाखरांवाली निवासी सोनादेवी से हुई थी। शादी के बाद रामप्रताप और सोनादेवी की एक बेटी खुशी का जन्म हुआ था। करीब छह साल पहले सोनादेवी अपने ससुराल से नाराज होकर मायके चली गई थी। इसके करीब तीन साल बाद सोनादेवी अपनी बेटी खुशी को लेकर मालारामपुरा निवासी राजेंद्र सिंह के साथ उसकी ढाणी में रहने लगी। वह अभी भी राजेंद्र सिंह के साथ ही रह रही है। जयपाल का आरोप है कि इसके बाद खुशी को दोनों के लिए बाधा माना जाने लगा। उसे रास्ते से हटाने की साजिश की गई। इसी साजिश के तहत सोनादेवी, राजेंद्र सिंह और महकदीप कौर ने मिलकर खुशी को केएसडी नहर के पानी में डुबोकर मार दिया। आरोप है कि घटना को हादसा दिखाने के लिए यह कहानी बनाई गई कि खुशी और महकदीप कौर नहर में नहाने गई थीं, जहां खुशी डूब गई और महकदीप बच गई। दादा जयपाल ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी काफी समय बाद मिली थी और शुरू में उन्होंने इसे हादसा ही माना था। बाद में एक महिला, जिसका मालारामपुरा में मायका है, से बच्ची की मौत को लेकर अलग जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर पता किया और उन्हें बच्ची की हत्या की साजिश किए जाने की जानकारी मिली। संगरिया के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से मिले आदेश पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच थाना प्रभारी अमर सिंह कर रहे हैं। पुलिस मामले में लगाए गए हत्या के आरोपों की जांच कर रही है।