हनुमानगढ़ में बुधवार को कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। नीट परीक्षा रद्द होने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा की तैयारी में लाखों विद्यार्थियों ने दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनका पूरा एक साल बर्बाद हो गया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को अव्यवस्थित करने का आरोप लगाया। 'स्टूडेंट्स को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान' कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और इसके रद्द होने से सबसे ज्यादा नुकसान उन मेहनती विद्यार्थियों को हुआ है, जिन्होंने लंबे समय से तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि कई छात्रों ने कोचिंग और पढ़ाई पर भारी खर्च किया, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। मक्कासर ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पेपर लीक पर शोर मचाने वाले लोग अब चुप बैठे हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों का भरोसा कायम रह सके। केंद्र सरकार पर जमकर साधा निशाना पीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा विवाद सामने आने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। गोठवाल ने केंद्र सरकार की अन्य नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से आमजन परेशान है। परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी जारी रही तो पार्टी आगे भी आंदोलन करेगी। इस मौके पर कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।