पंचायतीराज चुनाव-2026 को लेकर जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा भी अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुट गई हैं। जिला परिषद के 37 और छह पंचायत समितियों के 130 सदस्य पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। बसपा जिलाध्यक्ष महावीर सहजीपुरा के अनुसार, पार्टी को अब तक 35 से 40 आवेदन मिल चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि कई पंचायत समितियों में बसपा के समर्थन के बिना प्रधान बनाना मुश्किल होगा। जिला प्रमुख के चुनाव में भी पार्टी की अहम भूमिका रह सकती है। वहीं, माकपा ने भी जिला परिषद और पंचायत समितियों के कई वार्डों में प्रत्याशी उतारने की तैयारी की है। बसपा का दावा- कई समितियों में हमारे समर्थन के बिना नहीं बनेगा प्रधान बसपा जिलाध्यक्ष महावीर सहजीपुरा ने कहा कि पार्टी पंचायतीराज चुनाव पूरी ताकत से लड़ रही है। पार्टी को अब तक 35 से 40 आवेदन प्राप्त हुए हैं और विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्याशियों को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। सहजीपुरा ने दावा किया कि जिले की कई पंचायत समितियों में बसपा की भूमिका निर्णायक हो सकती है। उनके मुताबिक, कई जगह पार्टी के समर्थन के बिना प्रधान बनाना मुश्किल होगा। जिला प्रमुख के चुनाव में भी बसपा की अहम भूमिका रहने की संभावना है। भाजपा-कांग्रेस पर निशाना, बसपा को बताया तीसरा विकल्प सहजीपुरा ने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों पार्टियां लंबे समय से नगर परिषद, पंचायत समिति और जिला परिषद में सत्ता में रही हैं, लेकिन जनता की आवश्यकताओं को पूरा करने में नाकाम रही हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों दलों से परेशान लोग अब तीसरे विकल्प के रूप में बसपा की ओर देख रहे हैं। सहजीपुरा के अनुसार, कई सीटों पर बसपा प्रत्याशी भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में हैं। माकपा भी कई वार्डों में उतारेगी प्रत्याशी माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने बताया कि पार्टी हनुमानगढ़ जंक्शन पंचायत समिति के चार वार्डों में चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा जिला परिषद के एक निर्वाचन क्षेत्र और पीलीबंगा तहसील के एक वार्ड में भी माकपा प्रत्याशी मैदान में होंगे। हनुमानगढ़ टाउन पंचायत समिति के दो वार्डों में भी पार्टी चुनाव लड़ेगी। जनविरोधी नीतियों को लेकर जनता के बीच जाएगी माकपा रामेश्वर वर्मा ने कहा कि माकपा भाजपा और कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों को लेकर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने दावा किया कि दोनों पार्टियों के प्रति लोगों में नाराजगी है और माकपा को तीसरे विकल्प के रूप में समर्थन मिल रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि उसके प्रत्याशी संबंधित वार्डों में जीत हासिल करेंगे।