बाड़मेर में लाखों रुपए के जेवरात और नकदी चोरी के बहुचर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में श्रीगंगानगर निवासी मुख्य आरोपी सुभाष, पंजाब के फाजिल्का निवासी सजन कुमार और हनुमानगढ़ निवासी रवि सोनी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार रवि सोनी चोरी का माल खरीदता था, जबकि गिरोह बंद मकानों की रेकी कर वारदात को अंजाम देता था। हनुमानगढ़ डीएसटी की अहम भूमिका हनुमानगढ़ जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी सुभाष को दस्तयाब कर बाड़मेर पुलिस के हवाले किया। इसके बाद बाड़मेर पुलिस ने श्रीगंगानगर से सजन कुमार और रवि सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के माल की बरामदगी के लिए जांच कर रही है। मनाली गए परिवार के घर हुई थी वारदात यह मामला 13 जून को सामने आया था। परिवादी किशोर कुमार ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 13 जून को परिवार सहित मनाली गए थे। 19 जून की रात अज्ञात चोरों ने उनके बाड़मेर स्थित मकान के ताले तोड़कर सोने के मंगलसूत्र, चेन, अंगूठियां, झुमके, चांदी की पायल और 70 हजार रुपए नकद चोरी कर लिए। वारदात के बाद घर का सामान भी बिखेर दिया गया। सीसीटीवी फुटेज से खुला सुराग पूरी वारदात मकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जांच में अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सुभाष मेघवाल, सजन कुमार और रवि सोनी की भूमिका चिन्हित कर कार्रवाई की। पहले रेकी, फिर सुनसान मकानों में चोरी प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह पहले विभिन्न शहरों और कस्बों में बंद मकानों की रेकी करता था। इसके बाद रात के समय सुनसान मकानों को निशाना बनाकर जेवरात और कीमती सामान चोरी करता और अपने नेटवर्क के माध्यम से तुरंत ठिकाने लगा देता था। दोनों मुख्य आरोपियों पर दर्ज हैं कई मामले पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सुभाष आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ राजस्थान के विभिन्न थानों में चोरी और नकबजनी के 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सूरतगढ़, नोखा, कोतवाली बाड़मेर, मुकलावा, लूणकरणसर, बज्जू, खाजूवाला, हनुमानगढ़ जंक्शन और कोतवाली नागौर थाने शामिल हैं। वहीं, सजन कुमार के खिलाफ भी चोरी और नकबजनी के 20 मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के साथ चोरी के माल की बरामदगी और अन्य वारदातों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।