हनुमानगढ़ जिला पुलिस ने शुक्रवार को टाउन स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित 'महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम–संवाद एवं सम्मान समारोह' में समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 38 महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में महिलाओं को सुरक्षा कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर अपराध से बचाव, राजकॉप सिटीजन ऐप और आत्मरक्षा के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। देर रात तक चले आयोजन में महिला सुरक्षा को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए जागरूकता और सम्मान का संदेश दिया गया। महिला सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों, कानूनों और तकनीकी संसाधनों की जानकारी होगी तो वे किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने समाज से महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने और सुरक्षित माहौल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। हेल्पलाइन और सुरक्षा सेवाओं की दी जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसआईयूसीएडब्ल्यू) राजकंवर ने महिला सुरक्षा अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए महिलाओं को राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला गरिमा हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, साइबर हेल्पलाइन 1930, वन स्टॉप सेंटर, POSH एक्ट, शी-बॉक्स, पॉक्सो ई-बॉक्स और महिला बीट अधिकारी योजना की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से राजकॉप ऐप डाउनलोड कर उसके एसओएस फीचर का उपयोग सीखने की अपील भी की। जिले में कालिका पेट्रोलिंग की नौ टीमें सक्रिय अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में कालिका पेट्रोलिंग की नौ इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें हनुमानगढ़ जंक्शन और टाउन में तीन-तीन, जबकि रावतसर, नोहर और भादरा में एक-एक इकाई संचालित है। ये टीमें स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नियमित गश्त कर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं तथा शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करती हैं। आत्मरक्षा प्रदर्शन बना आकर्षण कार्यक्रम में आत्मरक्षा प्रशिक्षण का लाइव प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। उप निरीक्षक संतोष ढाका और एएसआई गायत्री चौधरी के निर्देशन में मास्टर ट्रेनर हेड कांस्टेबल इन्द्रा ने महिलाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन कर व्यावहारिक जानकारी दी। इस दौरान मूक-बधिर बालिका संगीता ने भी आत्मरक्षा का प्रदर्शन कर मौजूद लोगों को प्रेरित किया।