हनुमानगढ़ जिले में पीलीबंगा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत लिखमीसर में ग्रामीणों ने मंगलवार को जन कल्याण शिविर का बहिष्कार किया। ग्रामीणों ने सीसी सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में पंचायत मुख्यालय पर धरना भी शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित सीसी सड़क में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अधूरी सड़क का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 2 महीने पहले बनी सड़क की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और यह समय से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगी है। कई बार शिकायतें दी, नहीं हुई ठोस कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं हुई हैं। इस संबंध में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि जब तक निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती और दोषी अधिकारियों व संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाना है। बीडीओ को ज्ञापन देकर दी थी कैम्प के बहिष्कार की चेतावनी इससे पहले सोमवार को ग्रामीणों ने बीडीओ मुकेश कुमार को ज्ञापन भेजकर जन कल्याण शिविर के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने गांव की अन्य समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने बताया कि राजकीय पशु चिकित्सालय में पिछले करीब दो माह से मुख्य पशु चिकित्सक का पद रिक्त है। इससे पशुपालकों को बीमार पशुओं के उपचार के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।