जोधपुर हाईकोर्ट ने नगर निगम पाली को राहत देते हुए नगर निगम ऑफिस की संपत्ति जब्त करने संबंधी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिविल प्रथम अपील और उससे जुड़े स्थगन आवेदन पर सुनवाई होने तक डिक्री के निष्पादन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। यह आदेश 11 मई को जोधपुर हाईकोर्ट जज शुभा मेहता ने जारी किए। बता दें कि एक परिवादी को कोर्ट के आदेश के बाद भी पट्टा जारी नहीं होने पर 7 मई को पाली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज राजेंद्र कुमार ने पाली नगर निगम ऑफिस की सम्पति जब्त और गाड़ी जब्त करने के आदेश दिए थे। पहले 3 पॉइंट्स में पढ़िए पूरा मामला नगर निगम पहुंचा हाईकोर्ट, मिली राहत इसके बाद नगर निगम हाईकोर्ट पहुंचा। नगर निगम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश पंवार और अधिवक्ता वीएलएस राजपुरोहित ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि मूल डिक्री 6 सितंबर 2025 के खिलाफ सिविल प्रथम अपील संख्या 1265/2025 पहले से लंबित है और उसके साथ स्थगन प्रार्थना पत्र भी दायर किया गया है। अदालत को बताया गया कि 25 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निष्पादन न्यायालय की कार्यवाही 23 मार्च 2026 तक स्थगित रखने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अपील की पत्रावली अदालत कार्यालय में उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके कारण अपील एवं स्थगन आवेदन पर नियमित सुनवाई नहीं हो पाई। नगर निगम की ओर से यह भी कहा गया कि इसमें उनकी कोई त्रुटि नहीं है, जबकि कुर्की की कार्यवाही के चलते नगर निगम कार्यालय का सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं, डिक्रीधारक पक्ष की ओर से दलील दी गई कि निष्पादन न्यायालय का आदेश विधिसम्मत है और याचिकाकर्ता पहले से लंबित अपील में ही राहत प्राप्त कर सकता है। यह भी कहा गया कि समानांतर कार्यवाही की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि अपील एवं स्थगन आवेदन की सुनवाई केवल पत्रावली उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबित है और इसमें नगर निगम की कोई गलती नहीं है। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता को 'उपचारविहीन' नहीं छोड़ा जा सकता। इसी आधार पर उच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए नगर निगम कार्यालय की संपत्ति की कुर्की एवं डिक्री निष्पादन की समस्त कार्यवाही पर रोक लगा दी। साथ ही निर्देश दिए कि प्रथम अपील और स्थगन आवेदन पर सुनवाई के समय लंबित रिट याचिका की जानकारी भी न्यायालय को दी जाए।