भास्कर न्यूज | बाड़मेर सुरक्षा बंधन यात्रा के प्रथम चरण के पांचवें दिन शुक्रवार को इंडियन रूरल डेवलपमेंट एंड अवेयरनेस सोसायटी ने पशुओं के सुरक्षा बंधन बेल्ट बांधे। संस्था के महेंद्रसिंह तारातरा ने बताया कि पांचवें दिन यात्रा जसदेर धाम से शुरू हुई जो उत्तरलाई, बांदरा, कवास, निंबा​िणयों की ढाणी, बायतु, कानोड़, बाटाडू, भीमड़ा, भाडखा होते हुए बाड़मेर पहुंची। यात्रा के दौरान मोबाइल वेटरनरी यूनिट से डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर किशोर सिंह कानोड़ की यूनिट, बाड़मेर टीम, बायतु टीम का सहयोग मिला। यात्रा में सैकड़ों रिफ्लेक्टिव बेल्ट पशुओं के गलों में बांधे गए। आमजन को भी बेल्ट वितरित किए गए। इसका उद्देश्य रात में सड़क पर पशुओं की दृश्यता बढ़ाना है। दुर्घटनाओं में कमी लाना है। बांदरा में सरपंच नगसिंह बांदरा ने ग्रामीणों के साथ यात्रा का स्वागत किया। ग्रामीणों को पशुधन रोड पर खुला नहीं छोड़ने की शपथ दिलाई। पशुओं के गले में सुरक्षा बंधन बांधने की शपथ दिलाई। कानोड़ पहुंचने पर गौ सेवक बाबूसिंह राजपुरोहित, सरपंच देरावर सिंह कानोड़, मानसिंह ने स्वागत किया। यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 25 पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश के सुरक्षा बंधन बांधे गए। बायतु से भाडखा राजकीय राजमार्ग संख्या 40 पर भी बेल्ट बांधे गए। यात्रा में शैलेंद्र सिंह कानोड़, हठेसिंह रामदेरिया, ओमसिंह बाड़मेर आगोर, मुकेश सोनी, अजय नाथ गोस्वामी, डॉ. रावताराम भाखर, प्रवीण सिंह, बालाराम, जबर सिंह, नरेशपाल सिंह, नेपाल सिंह, सिद्धराज सिंह, भोपालसिंह अ​ादि मौजूद रहे।