भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा मोहर्रम पर ताजियों के जुलूस के दौरान शरीर पर पटाखे बांधकर फोड़ने वाले 20 वर्षीय फरहान की मौत से मुस्लिम समाज में शोक की लहर है। इस बीच, ताजियों के जुलूस में ऐसे जानलेवा स्टंट पर सख्ती से रोक लगाने पर जोर दिया जा रहा है। शहर काजी, जलसा सदर और अंजुमन पदाधिकारियों का कहना है कि भविष्य में जुलूस के दौरान किसी भी तरह के जानलेवा या खतरनाक स्टंट की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि शहर में पिछली 26 जून को जुलूस के दौरान फरहान ने अपने हाथ-पैर और कमर पर पटाखे बांधकर फोड़ने का प्रदर्शन किया था। इस करतब के दौरान वह आग की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया था। एमजी अस्पताल से रेफर करने के बाद उसे उदयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं मुस्लिम समाज के अनेक लोगों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।