जैसलमेर जिले के अड़बाला गांव निवासी आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट रघुनाथ सिंह भाटी का बुधवार को दिल्ली के सैन्य अस्पताल में निधन हो गया। गुरुवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। रास्ते में कई जगह लोगों ने पार्थिव देह पर फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी। सड़क पर ग्रामीणों ने रंगोली से रघुनाथ अमर रहे लिखा था। उनकी पार्थिव देह दिल्ली से फलौदी एयरबेस लाई गई और वहां से सड़क मार्ग से अड़बाला पहुंचाई गई। गुरुवार दोपहर 2:40 बजे सेना के ट्रक से गांव पहुंचने पर उन्हें पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके बेटों भानुप्रताप और सूर्यप्रताप सिंह ने मुखाग्नि दी। 13 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पूरी कर लौटते समय वे सड़क हादसे में घायल हो गए थे। तब से उनका इलाज चल रहा था और बुधवार (29 अप्रैल) सुबह दिल्ली के सैन्य अस्पताल में उनका निधन हो गया। फलोदी से अड़बाला तक अंतिम यात्रा शहीद अधिकारी रघुनाथ सिंह भाटी की पार्थिव देह दिल्ली से हवाई मार्ग से फलोदी एयरबेस लाई गई, जहां से उसे सड़क मार्ग से जैसलमेर के लिए रवाना किया गया। पार्थिव देह फलोदी से वाया पोकरण, सांकड़ा और चेलक फांटा होते हुए गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे अड़बाला गांव पहुंची। इसके बाद दोपहर 2:40 बजे पार्थिव देह को तिरंगे में लपेटकर सेना के ट्रक में बैंड-बाजे के साथ अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। गांव में सड़क पर रंगोली से “शहीद को नमन, अमर रहे” लिखा गया था। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाए और “भारत माता की जय” के साथ “रघुनाथ सिंह अमर रहे” के नारे लगाए। बेटों ने दी मुखाग्नि, परिजन रहे मौजूद जैसे ही पार्थिव देह अंतिम स्थल पर पहुंचा, लोगों ने फूल अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बेटों भानुप्रताप और सूर्यप्रताप सिंह ने पारंपरिक रीति से मुखाग्नि दी। इस दौरान रघुनाथ सिंह के भाई वीर सिंह, उगम सिंह और अगर सिंह भी मौजूद रहे। तस्वीरों में देखें जवान की अंतिम विदाई… हादसे में हुए थे गंभीर घायल अड़बाला गांव निवासी रघुनाथ सिंह भाटी पुत्र आम्ब सिंह लंबे समय से दिल्ली में तैनात थे। हाल ही में उनकी ड्यूटी पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान लगी थी। 13 अप्रैल को साथियों के साथ लौटते समय उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ और गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। इसके बाद उन्हें दिल्ली के सैन्य हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार सुबह उनका निधन हो गया। गांव में अंतिम विदाई और सैन्य सम्मान पैतृक गांव अड़बाला में जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव, महंत बाल भारती महाराज, आईटीबीपी के अधिकारी व जवान, परिजन और ग्रामीण मौजूद रहे। अंतिम विदाई के दौरान गांव में श्रद्धांजलि का माहौल रहा। आईटीबीपी के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया और पार्थिव देह को तिरंगे में लपेटकर अंतिम सलामी दी गई। अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे शामिल अंतिम संस्कार के दौरान बीजेपी नेता, एसडीएम फतेहगढ़ भरत गुर्जर, तहसीलदार फतेहगढ़ नखत सिंह, अड़बाला सरपंच प्रतिनिधि सालम सिंह, डीवाईएसपी रूप सिंह इंदा, मनोहर सिंह अड़बाला, कुणाल सिंह अड़बाला, मोकम सिंह हापा सहित आईटीबीपी के अधिकारी व जवान मौजूद रहे।