जयपुर में बेटी द्वारा मां नीरज शर्मा (45) की हत्या करने के चर्चित हत्याकांड प्रकरण में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने बेटी आयुषी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जयपुर महानगर प्रथम की एडीजे-6 कोर्ट की जज श्वेता दाधीच ने बुधवार को कहा- अब तक की हुई जांच और तथ्यों को देखकर प्रथमदृष्ट्या ऐसा नहीं लगता है कि मामले में अभियुक्ता को फंसाया गया है। अदालत ने आदेश में कहा- मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि आयुषी का मां से मनमुटाव चल रहा था। वहीं इस मामले में आरोपी और आयुषी के ताऊ का लड़का बलराम उर्फ रवि फरार चल रहा है। ऐसे में अभी जांच बाकी है और अगर इस स्टेज पर आरोपी को जमानत दी जाती है तो जांच के प्रभावित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। आयुषी ने कहा- भाई उस पर आश्रित मामले में आयुषी की ओर से बहस करते हुए उनके अधिवक्ता निशांत शर्मा, अधिवक्ता केतन धाभाई और अधिवक्ता कामिल हुसैन ने अदालत को बताया कि मामले में मृतका के परिजनों के दबाव में उसे फंसाया गया हैं। उससे न तो कोई बरामदगी हुई है, न ही कोई बरामदगी बाकी है। मामले के अन्य आरोपियों से भी उसका कोई संबंध नहीं है। उसके परिवार में अब वो और उसका भाई ही बचा है, जो पूरी तरह से उस पर आश्रित है। आयुषी का भाई गंभीर बीमारी से पीड़ित है और सामाजिक व्यवहार करने में सक्षम नहीं है। उसकी घटनास्थल पर मौजूदगी भी नहीं है, न ही उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड हैं। मामले के ट्रायल में लंबा समय लगेगा। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाए। संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति के लिए हत्या की मामले में पुलिस और परिवादी के एडवोकेट ने जमानत का विरोध करते हुए कहा- अभियुक्ता ने अपनी संपत्ति हड़पने और अनुकंपा नियुक्ति पाने की नीयत से अपनी मां की हत्या की है। ऐसे गंभीर मामले में उसे जमानत पर नहीं छोड़ा जाए। साथ ही इस मामले का अन्य आरोपी अभी फरार है। ऐसे में उसके पकड़े जाने के बाद भी जांच पूरी होगी। यह था पूरा मामला पुलिस के अनुसार- प्रताप नगर के रविंद्र नगर में रहने वाली नीरज शर्मा (45) के पति का एक साल पहले निधन हो गया था। वे कोर्ट में एलडीसी थे। 8 महीने पहले पति की जगह नीरज की LDC की पोस्ट पर नौकरी लगी थी। नीरज 16 साल के बेटे के साथ रहती थी। 3 जुलाई को शाम करीब 4:45 बजे नीरज अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थी। इस दौरान ओवर स्पीड स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। करीब 130 KM की स्पीड से टक्कर लगने से महिला उछलकर 100 फीट दूर गिरी। नीरज की मौके पर मौत होने के बाद स्कॉर्पियो को लेकर ड्राइवर फरार हो गया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद बताया कि नीरज की हत्या के लिए बेटी आयुषी ने अपने ताऊ के बेटे बलराम उर्फ रवि, मोहन स्वरूप के साथ मिलकर अन्य आरोपी हेमंत के दोस्त आकाश और अरविंद से 7 लाख में सौदा किया था। इस मामले में पुलिस ने महिला की बेटी और जेठ समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया था और स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली थी।
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