कॉमनवेल्थ पीस मीडिएशन एंड रूल्स ऑफ लॉ कॉन्फ्रेंस का आयोजन जयपुर में होगा। तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन सीजेआई सूर्यकांत 31 जुलाई को करेंगे। 2 अगस्त तक चलने वाली इस काॅन्फ्रेंस में 52 कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह में सीजेआई सूर्यकांत के साथ जाम्बिया के सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश आभा नायर पटेल, हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और सीएम भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य विवादों में मध्यस्थता (मीडिएशन) को बढ़ावा देना है। रालसा के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने बताया- जब कोई भी विवाद कोर्ट में पहुंचता है तो उसके निस्तारण में सालों लग जाते हैं। वहीं मध्यस्थता ऐसा माध्यम है, जिसमें विवाद का निस्तारण कुछ महीनों में ही हो सकता है। देश-विदेश के न्यायाधीश करेंगे शिरकत सम्मेलन में भारत के सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के साथ दूसरे देशों के न्यायाधीश भी शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस में जाम्बिया सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश आभा नायर पटेल, श्रीलंका सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एएचएम नवाज, बहमास कोर्ट ऑफ अपील के न्यायाधीश वशिष्ठ वी. कोकाराम शिरकत करेंगे। साथ ही सिंगापुर, जिम्बाब्वे, हांगकांग, यूनाइटेड किंगडम, मलेशिया, बांग्लादेश, इस्वातिनी, केन्या, मालदीव सहित अनेक देशों के न्यायविद और विधि विशेषज्ञ सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। जयपुर पीस मीडिएशन डिक्लेरेशन तीन दिन की कॉन्फ्रेंस में यह तय होगा कि कॉमनवेल्थ देश आने वाले सालों में मीडिएशन के किन सिद्धांतों पर काम करेंगे। इसके दस्तावेज 'जयपुर पीस मीडिएशन डिक्लेरेशन' पर इन देशों के न्यायाधीश, अटॉर्नी जनरल, वरिष्ठ अधिवक्ता और विधि विशेषज्ञ साइन करेंगे। यह डिक्लेरेशन मीडिएशन और रूल ऑफ लॉ का भविष्य का दस्तावेज होगा। आयोजकों ने कहा- यह सम्मेलन केवल अन्य देशों से सीखने का मंच नहीं है। राजस्थान ने जिस प्रकार कम समय में बड़ी संख्या में मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से समाधान किया है, वह अनुभव अन्य देशों के लिए भी उपयोगी है।