जयपुर अब केवल पिंक सिटी या पर्यटन नगरी नहीं रहा। यह देश का उभरता हुआ शिक्षा हब बन गया है। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों को छोड़कर हजारों छात्र राजस्थान आ रहे हैं क्योंकि यहां कानून-व्यवस्था मजबूत है, परिवार जैसा माहौल है और बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने इस बदलाव में अहम योगदान दिया। 26 साल पहले 152 इंजीनियरिंग छात्रों से शुरू हुई यात्रा आज 4500 अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग और कुल 21,000 छात्रों तक पहुंच गई है। इनमें 35 प्रतिशत छात्र देशभर से आते हैं। यूनिवर्सिटी ने AI को कोर्स में पूरी तरह एम्बेड किया है। टीचर्स को इंडस्ट्री और विदेशी संस्थानों में ट्रेनिंग दिलाई गई। स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रोग्राम बहुत मजबूत है जिसमें सरकार ने करोड़ों रुपये की मदद दी। जेईसीआरसी का फोकस अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग पर बरकरार है लेकिन अब मैनेजमेंट, लॉ, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे वर्टिकल्स भी जोड़े गए हैं। AI के साथ स्टार्टअप और सहयोग पर भी जोर है। यूनिवर्सिटी में डेडिकेटेड एक्सपर्ट टीम इनक्यूबेशन चला रही है। जॉनस हॉपकिंस जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के सहयोग से छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर मिल रहा है। अमित अग्रवाल, वाइस चेयरपर्सन ने बताया कि राजस्थान सरकार की सक्रिय भूमिका से मेडिकल यूनिवर्सिटी का सपना भी साकार हो रहा है। 1200 बेड का हॉस्पिटल जल्द शुरू होगा। जयपुर को विश्व स्तर का शिक्षा हब बनाने के लिए संस्थान, छात्र और सरकार का यह त्रिकोण तेजी से काम कर रहा है। जेईसीआरसी जैसे संस्थान न सिर्फ डिग्री बल्कि सही करियर और आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा कर रहे हैं।