राजधानी जयपुर में संवाद, कूटनीति और नेतृत्व क्षमता का उत्सव एक बार फिर जीवंत हो उठा है। एलिगेंते मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) 2026 के तीसरे संस्करण का भव्य शुभारंभ आज मालवीय कन्वेंट स्कूल की सहभागिता में शुरू किया गया। यह दो दिवसीय आयोजन 19 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है। कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा की वरिष्ठ नेत्री सुमन शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को वैश्विक मुद्दों पर जागरूक होकर नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। आयोजन के सेक्रेटरी जनरल देवांश गोधा ने अपने संबोधन में कहा, “एलिगेंते MUN केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि युवाओं के लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव है। यह मंच उन्हें वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने, तार्किक सोच विकसित करने और जिम्मेदार नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।” हनु चौहान ने बताया, “इस वर्ष का सम्मेलन पहले से अधिक व्यापक और संरचित है, जहां प्रतिभागियों को वास्तविक अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप बहस और निर्णय प्रक्रिया का अनुभव मिलेगा।” नीलाक्ष अधिकारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल MUN आयोजित करना नहीं, बल्कि एक ऐसी बौद्धिक संस्कृति तैयार करना है जहां भारत का हर युवा आत्मविश्वास के साथ अपने विचार विश्व स्तर पर प्रस्तुत कर सके।” रक्षित शर्मा ने अपने विचार रखते हुए कहा, “यह मंच युवाओं को अपनी आवाज पहचानने और उसे प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर देता है, जिससे वे भविष्य के नीति-निर्माता और बदलाव के वाहक बन सकें।” इस आयोजन में एआईपीपीएम ( ऑल इंडिया पॉलीटिकल पार्टी मीट ) यूएनएचआरसी ( यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट कमिशन ) आईपीएल, महाभारत, आईपी ( इंटरनेशनल प्रेस ) समेत पांच प्रमुख समितियों का गठन किया गया है जिनमें विद्यार्थी विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में मालवीय कॉन्वेंट स्कूल के डायरेक्टर सनी कपूर, प्रिंसिपल स्वेतिका कपूर , समाजसेवी यशवंत चोरडिया, विनी गोधा, डॉली गोधा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में रामेश्वरम को-ऑपरेटिव सोसायटी, मेसर्स गुलशन राय जैन एवं यूरा रग्स का विशेष सहयोग रहा। यह सम्मेलन न केवल विद्यार्थियों के लिए सीखने का मंच बन रहा है, बल्कि उनके भीतर छिपे नेतृत्व, संवाद और विश्लेषण कौशल को निखारने की दिशा में एक सशक्त पहल भी साबित हो रहा है।