जयपुर पुलिस ने शिकार गन हाउस के मालिक को अवैध राइफल और टाइगर की खाल के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एटीएस की सूचना पर हुई। एटीएस टीम ने 1 अप्रैल को जोधपुर में हेड कॉन्स्टेबल और एलडीसी को अवैध बंदूक और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने जयपुर से यह हथियार खरीदे थे। एटीएस और पुलिस ने गुरुवार को पहले आरोपी मोहम्मद जहीरूद्दीन (64) के एमआई रोड स्थित ‘शिकार गन हाउस’ पर सर्च किया। इसके बाद रामगंज इलाके के मोहल्ला बिसायतियान स्थित जहरूद्दीन के घर तलाशी ली। आरोपी के घर से अवैध राइफल, बाघ की खाल और कारतूस मिले। रामगंज थाना पुलिस ने अवैध हथियार का जखीरा व टाइगर की पुरानी खाल के साथ गन हाउस के मालिक मोहम्मद जहीरूद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। आर्म्स एक्ट और वन्य जीन संरक्षण अधिनियम के तहत अवैध हथियार और टाइगर खाल को पुलिस ने जब्त कर लिया। एमआई रोड स्थित शिकार गन स्टोर करीब 50 साल पुराना है। घर में मिली अवैध राइफल और टाइगर की खाल डीसीपी (नॉर्थ) करण शर्मा ने बताया- एटीएस के साथ ही जयपुर की माणक चौक थाना पुलिस की टीम ने गुरुवार शाम एमआई रोड स्थित शिकार गन स्टोर पर सर्च की कार्रवाई की। सर्च के दौरान गन हाउस के रिकॉर्ड को सील किया गया। पुलिस की प्रथमदृष्टया जांच में रिकॉर्ड में अभी डिफरेंस नहीं पाया गया है। रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इसके बाद गन हाउस के मालिक मोहम्मद जहीरूद्दीन के रामगंज इलाके में मोहल्ला बिसायतियान स्थित घर की तलाशी ली गई। तीन मंजिला मकान में करीब तीन घंटे सर्च चला। तलाशी के दौरान अवैध राइफल .22LR CARTRIDGE बोल्ड एक्शन, 282 कारतूस और टाइगर की पुरानी खाल मिली। पुलिस ने मोहम्मद जहीरूद्दीन (64) को गिरफ्तार कर लिया। गन हाउस की आड़ में अवैध हथियार का धंधा पुलिस का कहना है कि आरोपी मोहम्मद जहीरूद्दीन शिकार गन स्टोर की आड़ में अवैध हथियार और कारतूस बेच रहा था। अवैध हथियार और कारतूस किन-किन लोगों से खरीदे व बेचे गए हैं। इसे लेकर आरोपी से पूछताछ की जा रही है। खाल को एफएसएल भेजकर पुलिस करेगी जांच हथियारों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गयाl वन विभाग की टीम ने मौके पर खाल की जांच की, जिसमें वह असली पाई गई। पुलिस अब खाल को एफएसएल भेजकर जांच करेगी। आरोपी ने पूछताछ में खाल और राइफल को दादा के जमाने से रखा होने का दावा किया है। जोधपुर से जयपुर पहुंची एटीएस टीम तो हुआ खुलासा एटीएस टीम ने 1 अप्रैल को जोधपुर के डांगियावास मार्केट के पास कार्रवाई की थी। इसमें काले रंग की क्रेटा कार सवार जैसलमेर के सांगड़ निवासी हेड कॉन्स्टेबल अमीन खां (36) और नाचना निवासी वांगे (47) को पकड़ा था। इनके कब्जे से 12 बोर की अवैध बंदूक, 30 जिंदा कारतूस और 12 हजार रुपए बरामद हुए थे। वांगे मोहनगढ़ पंचायत समिति में एलडीसी हैं, जबकि अमीन खां प्रदेश के पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद का गनमैन रह चुके हैं। पूछताछ में सामने आया कि यह 12 बोर बंदूक जयपुर के ‘शिकार गन हाउस’ के मालिक जहीरूद्दीन द्वारा लाई गई थी। जहीरूद्दीन ने अमीन खां को 12 बोर बंदूक देने के लिए 1.20 लाख रुपए लिए। वहीं बदले में पुरानी 18 बोर बंदूक की संख्या 12 बोर की बंदूक पर पंच कर दी। जबकि जहीरूद्दीन के रिकॉर्ड में यह 12 बोर बंदूक दर्ज नहीं थी।